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शिक्षा: बैनर पोस्टर के भरोसे चल रही सरकारें, कब होगा शिक्षा के लिए गंभीर प्रयास…

बिलासपुर:
शिक्षा: मोहरा के शासकीय स्कूल में बच्चों को पढ़ने के लिए आना है, तो उन्हें अपनी जान की कोई परवाह नहीं है, क्योंकि स्कूल के ठीक सामने बेलतरा बाईपास रोड पर पूरे दिन कोयला लदे ट्रकों का आवागमन रहता है! इसके अलावा इस स्कूल में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है।
शासकीय स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के मामले में कोई बेहतर प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। यही कारण है कि इन स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चों को वह सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जो सरकार उन्हें देने का वादा करती है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों का महत्व अधिक है। यही कारण है कि अभिभावक बच्चों को शासकीय स्कूलों में शिक्षा दिलाने भेजते हैं। लेकिन इन स्कूलों की स्थिति ऐसी है कि बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है।

बिलासपुर के मटियारी बेलतरा बाईपास रोड के किनारे स्थित सरकारी स्कूल में पहली से पांचवीं तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए एक प्रभारी प्रधान पाठक सहित कुल तीन शिक्षक हैं, लेकिन स्कूल परिसर में समस्याओं का अंबार है। स्कूल की बाउंड्रीवाल जगह-जगह से टूटी हुई है, जिससे बच्चे बार-बार बाहर निकलते रहते हैं। भारी वाहनों का आवागमन लगातार होता है, जिससे किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है।

स्कूल प्रशासन ने कई बार जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को पत्र भेजकर स्कूल के सामने की बाउंड्रीवाल बनाने का आवेदन किया है, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके अलावा, स्कूल में छात्रों के लिए केवल एक बाथरूम है, जबकि छात्रों और शिक्षकों के लिए कोई प्रसाधन की व्यवस्था नहीं है। यही नहीं, गैस सिलेंडर और चूल्हा स्कूल परिसर में धूल खा रहे हैं, और बच्चों का मिड-डे मील इट के चूल्हे पर लकड़ी से पकाया जाता है।

सवाल यह उठता है कि सरकारें कब तक बैनर और पोस्टर के भरोसे बच्चों और उनके अभिभावकों को शिक्षा के नाम पर गुमराह करती रहेंगी। स्कूल में बाउंड्रीवाल नहीं है, मुख्य सड़क पर दिनभर कोयला लदे ट्रकों का आवागमन होता है। ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। इन सभी समस्याओं पर जिला शिक्षा विभाग को ध्यान केंद्रित करना होगा, और प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कदम उठाते हुए स्कूल में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना होगा।

बिलासपुर के सरकारी स्कूल में छात्रों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की गंभीर समस्या सामने आई है। जहां एक तरफ सरकार शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के वादे करती है, वहीं दूसरी तरफ छात्रों को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। इस स्कूल के हालात सरकार की नाकामी को उजागर करते हैं। अब देखना यह है कि इस दिशा में प्रशासन कब तक सक्रिय कदम उठाता है, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शिक्षा मिल सके

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