Serious Allegations: शिवा हॉस्पिटल पर आयुष्मान में नकद वसूली का आरोप….
आयुष्मान कार्ड हाथ में, इलाज फिर भी नकद में....

बिलासपुर से आयुष्मान योजना की एक और चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। (Serious Allegations) आपोलो अस्पताल के बाद अब अरपापार सीपत रोड मोपका स्थित शिवा हॉस्पिटल मल्टीस्पेशलिटी यूनिट पर भी गंभीर आरोप लगे हैं.. अस्पताल के मुख्य द्वार पर आयुष्मान योजना से निःशुल्क इलाज का बड़ा बोर्ड लगा है, लेकिन अंदर की सच्चाई कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। कोटा क्षेत्र के घोरामार निवासी अशोक यादव अपनी बेटी शालिनी को अपेंडिक्स के इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड के भरोसे इस अस्पताल में लेकर पहुंचे।
अपेंडिक्स का इलाज नहीं,फिर भी हजारों की वसूली….
पर इलाज तो दूर, ढाई दिन में 25 से 26 हजार रुपये नकद वसूल लिए गए। परिजनों का आरोप है कि इलाज नहीं हुआ, सिर्फ तारीखें और बहाने दिए गए। आखिरकार लाचार पिता अपनी बीमार बेटी को एंबुलेंस से दूसरे निजी अस्पताल ले जाने को मजबूर हो गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि जब आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद नकद भुगतान करना पड़े, तो ऐसी योजना किस काम की? यही सवाल आज आम लोगों की जुबान पर है। लोग बता रहे हैं कि इलाज के लिए जमीन, जेवर और मंगलसूत्र तक गिरवी रखने की नौबत आ रही है।
शिवा हॉस्पिटल पर आयुष्मान में नकद वसूली का आरोप….
हैरानी की बात यह है कि जिला अस्पताल और सिम्स मेडिकल कॉलेज जैसे बड़े संस्थान होने के बावजूद मरीज निजी अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। (Serious Allegations) स्वास्थ्य व्यवस्था दलालों और बिचौलियों के भरोसे चलती नजर आ रही है। वहीं अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि अपेंडिक्स सर्जरी की सुविधा मौजूद है और मरीज को परिजनों ने लामा कराकर ले जाया है।अब सवाल साफ है।क्या आयुष्मान योजना सिर्फ बैनर और पोस्टर तक सीमित है?और क्या गरीबों को वाकई मुफ्त इलाज मिल पाएगा, या यूं ही वे इलाज के नाम पर खून के आंसू रोते रहेंगे?





