रासायनिक खेती को कहें अलविदा, अब छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी प्राकृतिक खेती

छत्तीसगढ़ :सरकार ने खेती को रसायनों से मुक्त करने के लिए एक बड़ी पहल की है। अब प्रदेशभर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे न केवल खेतों की मिट्टी की सेहत सुधरेगी, बल्कि खाद्यान्नों की पौष्टिकता भी बढ़ेगी।
इस योजना में महिला स्व-सहायता समूहों की कृषि सखियों को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। ये सखियाँ गांव-गांव जाकर किसानों को प्राकृतिक खेती के फायदों के बारे में बताएंगी और उन्हें स्थानीय संसाधनों जैसे गोबर, गौमूत्र, नीम की खली, छाछ और राख से खेती करना सिखाएंगी।
प्राकृतिक खेती से होंगे कई फायदे:
मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी।
खेती की लागत घटेगी।
अनाज में पौष्टिकता बढ़ेगी।
कैंसर, हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों का खतरा कम होगा।
कृषि विभाग ने इसके लिए विशेष रणनीति बनाई है और पहले चरण में कई कृषि सखियों को प्रशिक्षण भी दे दिया गया है। अब ये सखियाँ किसानों को खेतों में ही प्रशिक्षण देंगी।
सरकार का मानना है कि अगर रासायनिक खेती जारी रही तो मिट्टी और सेहत दोनों पर खतरा बढ़ेगा। इसलिए यह कदम जरूरी है।





