रोटी vs चावल: वजन घटाने के लिए रात में क्या खाना बेहतर है? जानिए वैज्ञानिक नजरिया

वजन घटाने की कोशिश कर रहे लाखों लोगों के लिए यह सवाल आम है, डिनर में रोटी खाएं या चावल..
भारत जैसे देश में जहां रोटी और चावल दोनों ही खाने की थाली का अहम हिस्सा हैं, वहां इनसे दूरी बनाना आसान नहीं होता। लेकिन अच्छी खबर ये है कि आप दोनों को अपने खाने में शामिल रख सकते हैं — बस ज़रूरत है सही संतुलन, सही मात्रा और सही समय की।
आइए जानते हैं रोटी और चावल में से क्या है बेहतर विकल्प, खासकर वजन घटाने की प्रक्रिया को सपोर्ट करने के लिए।
रोटी और चावल में पोषण का फर्क
रोटी (विशेषकर गेहूं, बाजरा, रागी या जौ की) में फाइबर, प्रोटीन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं।
सफेद चावल, प्रोसेसिंग के दौरान अपने अधिकांश पोषण तत्व खो देता है, हालांकि यह कम सोडियम वाला होता है — जो ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए लाभकारी हो सकता है।
रोटी में पोषण ज़्यादा, जबकि चावल में एनर्जी जल्दी मिलती है।
रात के खाने में रोटी या चावल — क्या चुनें?
रात के वक्त ज्यादा कार्ब्स लेने से ब्लोटिंग, गैस और नींद पर असर हो सकता है।
रोटी फाइबर से भरपूर होती है, जो पेट को देर तक भरा रखती है और भूख कम लगती है।
चावल जल्दी पचता है, लेकिन जल्दी भूख लगने की संभावना बढ़ जाती है।
आप रोटी और चावल को बारी-बारी से खा सकते हैं जैसे एक दिन रोटी, एक दिन चावल। लेकिन कोशिश करें कि रात का खाना 8 बजे से पहले हो।
रोटी क्यों है बेहतर विकल्प?
मल्टीग्रेन रोटी या रागी-बाजरा से बनी रोटियां ज्यादा फाइबर और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स देती हैं।
ये धीरे-धीरे पचती हैं, जिससे ब्लड शुगर स्थिर रहता है।
घी या तेल की मात्रा सीमित रखें ताकि कैलोरी कंट्रोल में रहे।
चना या मूंग के आटे से बनी रोटियां प्रोटीन का भी अच्छा स्रोत हो सकती हैं।
चावल कब और कैसे खाएं?
चावल तेजी से ऊर्जा देता है, इसलिए अगर आप वर्कआउट करते हैं या फिजिकली एक्टिव हैं, तो थोड़ी मात्रा में चावल लेना फायदेमंद हो सकता है।
ब्राउन राइस या हाथ से कुटा चावल सफेद चावल की तुलना में बेहतर विकल्प हैं।
चावल को फाइबर युक्त सब्जियों या दालों के साथ खाएं ताकि उसका असर संतुलित रहे।
सफेद चावल ज्यादा मात्रा में खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है।





