रायपुर में बढ़ता जल संकट बना सियासी मुद्दा, नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने नगर निगम पर लगाए गंभीर आरोप

हेडलाइन: रायपुर में बढ़ता जल संकट बना सियासी मुद्दा, नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने नगर निगम पर लगाए गंभीर आरोप
रायपुर। राजधानी रायपुर में गर्मी की शुरुआत के साथ ही जल संकट गहराने लगा है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इस मुद्दे को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने नगर निगम और जल प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शहर में पानी की समस्या प्रशासन की लापरवाही का परिणाम है।
आकाश तिवारी ने कहा कि शहर में जल आपूर्ति सुधारने के लिए 70 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन अब तक केवल 7 से 8 किलोमीटर पाइपलाइन ही बिछाई जा सकी है। ऐसे में लोगों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है और कई इलाकों में जल संकट लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि योजना के अनुसार काम नहीं होने से जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
उन्होंने नगर निगम पर आरोप लगाया कि जलकर, संपत्ति कर और अन्य शुल्कों के नाम पर लोगों से लगातार पैसे वसूले जा रहे हैं। घरों में नल कनेक्शन देने के लिए करीब 2400 रुपये तक लिए गए, लेकिन कई जगहों पर नलों में पानी ही नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने इसे जनता के साथ धोखा बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
तिवारी ने बताया कि रायपुर के करीब 35 वार्ड गंभीर जल संकट से जूझ रहे हैं। टैंकर से पानी सप्लाई की व्यवस्था पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उनका कहना है कि 2024 में 50 लाख रुपये, 2025 में 100 लाख रुपये और 2026 में 150 लाख रुपये तक टैंकरों पर खर्च किया जा रहा है, इसके बावजूद पानी की समस्या दूर नहीं हो रही है। इससे व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने आशंका जताई कि पूरे मामले में बड़ा खेल हो सकता है और पानी जैसी बुनियादी सुविधा पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि पानी हर नागरिक का अधिकार है और सरकार व नगर निगम को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। साथ ही जल बोर्ड के गठन पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि केवल कमेटी बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करना जरूरी है।





