कोरिया में धान घोटाले का पर्दाफाश! राइस मिल संचालक की करतूतों का हुआ खुलासा, तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट

कोरिया। धान की अफरा-तफरी के मामले में कलेक्‍टर के निर्देश पर राइस मिल संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के निर्देश पर राईस मिल को तीन साल के लिए ब्‍लैक लिस्‍ट भी कर दिया गया है।

अफसरों ने बताया कि कलेक्‍टर के निर्देशानुसार जिला स्तरीय अधिकारियों की कमेटी गठित कर चितमारपारा पटना स्थित मेसर्स मंगल राइस मिल परिसर के प्रतिनिधि और मिल कर्मचारी की उपस्थिति में धान और चावल भंडारण का भौतिक सत्यापन किया गया। सत्‍यापान के लिए पहुंची टीम को वहां कोई स्‍टाक ही नहीं मिला, जबकि मिल संचालक ने एफसीआई में चावल ही जमा किया है। इसके बाद मेसर्स मंगल राइस मिल के संचालिका कमला ठाकुर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
जिला खाद्य अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, नवा रायपुर निर्देश पर खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में भारतीय खाद्य निगम में औसत से कम चावल जमा करने वाले राइस मिलो के भौतिक सत्यापनअके लिए गठित जिला स्तरीय जांच समिति के प्रतिवेदन के आधार पर सस्थित किया गया। बता दें मेसर्स मंगल राइसमिल को पहले भी छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 के उल्लंघन के कारण दो वर्ष की कालावधि के लिये काली सूची में दर्ज किया गया था।

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