अमित शाह के दौरे से जुड़े निर्माण कार्यों पर सवाल, टेंडर बाद में और काम पहले होने के आरोप

जगदलपुर में लोक निर्माण विभाग (PWD) एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस बार मामला केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे से जुड़े निर्माण कार्यों का है। आरोप है कि जिन कार्यों के लिए बाद में टेंडर जारी किया गया, वे निर्माण पहले ही पूरे कराए जा चुके थे।

PWD उत्तर बस्तर संभाग क्रमांक-1 द्वारा 17 मई 2026 को निविदा जारी की गई थी। इसमें टेंडर जमा करने और खोलने की तारीखें भी तय की गईं, लेकिन स्थानीय स्तर पर आरोप लग रहे हैं कि संबंधित निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुके थे और कई जगह पूरे भी हो गए थे।

बताया जा रहा है कि गृहमंत्री अमित शाह के 18 मई के बस्तर दौरे के दौरान नेतानार सीआरपीएफ कैंप के पास बनाए गए हेलीपैड का निर्माण कार्य टेंडर प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही शुरू कर दिया गया था। इसी तरह बादल सांस्कृतिक परिसर में हुए रिनोवेशन कार्य को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यही वह परिसर है जहां अमित शाह ने सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात की थी।

मामले को लेकर ठेकेदारों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि विभाग ने कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए पूरी प्रक्रिया अपनाई। आरोप है कि कुछ कार्य बिना विधिवत निविदा प्रक्रिया पूरी किए ही करा दिए गए।

IMG 3406

जब इस संबंध में PWD अधिकारी राजीव बतरा से पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने कथित तौर पर यह कहकर फोन काट दिया कि उनका रिटायरमेंट होने वाला है और उन्हें परेशान न किया जाए। इसके बाद पूरे मामले को लेकर और सवाल उठने लगे हैं।

सरकारी नियमों के अनुसार किसी भी निर्माण कार्य से पहले निविदा प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होता है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और सभी पात्र ठेकेदारों को बराबरी का अवसर मिल सके। अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button