पाकिस्तानियों-बांग्लादेशियों को पकड़ने बनी STF की कार्रवाई पर उठे सवाल, आईजी-एसपी समेत UN में शिकायत

दुर्ग। साय सरकार ने पाकिस्तानियों और बांग्लादेशियों को शिनाख्त करके पकड़ने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन किया है। यह गठन 10 दिन पहले हुआ है। दुर्ग में एसटीएफ को लीड डीएसपी रैंक के अधिकारी कर रहे है। दुर्ग एसटीएफ टीम की कार्रवाई पर पश्चिम बंगाल में रहने वाले वाले युवक ने सवाल उठाया है।

बांग्लादेशी महिला खुशबू बेगम और सनाया नूर

युवक के अनुसार दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में 22 मई को सेक्स रैकेट के खुलासे के दौरान पुलिस ने दो महिलाओं को बांग्लादेशी बताकर गिरफ्तार किया था। इनमें से एक महिला खुशबू बेगम (उर्फ रानी पासवान) की पहचान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। खुशबू के मंगेतर विशाल कुमार चौधरी ने दावा किया है कि खुशबू भारतीय नागरिक हैं और बांग्लादेशी नहीं हैं। उन्होंने इस मामले में दुर्ग पुलिस की कार्रवाई को गलत ठहराते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्याय की मांग की है।

विशाल चौधरी ने दिल्ली में स्थित यूएन हाउस में पुलिस के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा, उन्होंने दुर्ग एसपी और आईजी को पत्र लिखकर भी इस मामले में उचित जांच और न्याय की गुहार लगाई है। विशाल का कहना है कि खुशबू उत्तर दिनाजपुर (पश्चिम बंगाल) की निवासी हैं, जहां उनके माता-पिता और परिवार अब भी रहते हैं। खुशबू की पढ़ाई भी वहीं हुई है। इसके बावजूद दुर्ग पुलिस ने विदेशी अधिनियम के तहत उनके खिलाफ केस दर्ज किया।

इस दौरान खुशबू के वकील अशोक शर्मा ने भी पुष्टि की है कि खुशबू भारतीय नागरिक हैं। उन्होंने कहा कि यदि वह बांग्लादेशी होती तो वे उसका केस नहीं लड़ते। उन्होंने पुलिस पर जल्दबाजी में कार्रवाई करने का आरोप लगाया। पुलिस ने 22 मई को दोनों महिलाओं को गिरफ्तार किया था और बाद में न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस का दावा है कि महिलाओं ने भारत आने के लिए फर्जी शादी और जाली आधार कार्ड बनाए थे। एसटीएफ प्रभारी सत्य प्रकाश तिवारी ने कहा कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनन सही है और दस्तावेजों के आधार पर की गई है।

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