नवरात्रि के पहले दिन बिजली गुल, मंदिरों और घरों में श्रद्धालुओं को हुई परेशानी

रायपुर। नवरात्रि के पहले ही दिन शहर के पुरानी बस्ती इलाके में बिजली कटौती से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 8 बजे मेंटेनेंस के नाम पर बिजली बंद कर दी गई, जिससे घरों और मंदिरों में पूजा-पाठ प्रभावित हुआ। इस क्षेत्र में महामाया, दंतेश्वरी, सतबहनिया और दुर्गा मंदिर समेत 25 से ज्यादा मंदिर हैं, जहां श्रद्धालु पूजा करने पहुंचे थे।
महामाया मंदिर में जनरेटर की व्यवस्था होने से वहां पूजा बिना बाधा के जारी रही, लेकिन बाकी मंदिरों में घट स्थापना, ज्योत प्रज्वलन जैसे धार्मिक कार्यक्रमों में बाधा आई। यह सभी अनुष्ठान सुबह के अभिजीत मुहूर्त में किए जाने थे, लेकिन बिजली न होने से अंधेरे में ही पूजा करनी पड़ी।
मंदिरों के व्यवस्थापकों ने तुरंत निकट के सब-स्टेशन और फ्यूज कॉल सेंटर से संपर्क किया, लेकिन कोई ठोस मदद नहीं मिली। वहां तैनात नाइट ड्यूटी स्टाफ ने शिकायत दर्ज कर ली, लेकिन इसे सुबह की टीम के लिए छोड़ दिया। इससे श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ती गई।
बिजली बंद होने को लेकर लोगों ने अखबारों के दफ्तरों में भी शिकायतें की और आरोप लगाया कि त्योहार के दिन जानबूझकर भेदभाव किया गया। सुबह 11:30 बजे तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। आखिरकार, कुछ स्थानीय लोगों ने रायपुर सीई जामुलकर से फोन पर शिकायत की। उन्होंने तुरंत इलाके के डीई को बिजली बहाल करने के निर्देश दिए।
इस पर लाखेनगर के एई ने जवाब दिया कि गुढ़ियारी में तकनीकी समस्या के कारण आधे घंटे के लिए बिजली बंद की गई थी, लेकिन जल्द ही बहाल कर दी गई। हालांकि, श्रद्धालु इस पूरे मामले को लेकर असंतुष्ट नजर आए।





