नक्सलवाद पर सियासत तेज, भूपेश बघेल ने अमित शाह को दी बहस की चुनौती, सीएम साय ने किया पलटवार

रायपुर। छत्तीसगढ़ समेत देश में नक्सलवाद खत्म होने के दावे के बीच सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को नक्सलवाद के मुद्दे पर बहस की चुनौती दी है। बघेल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान केंद्र की भाजपा सरकार को नक्सल समस्या खत्म करने में पूरा सहयोग दिया गया था, लेकिन संसद में अमित शाह ने गलत बयान दिया कि सहयोग नहीं मिला।
बघेल ने कहा कि उनकी सरकार ने जोखिम उठाकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास के कई काम किए और केंद्र के साथ मिलकर काम किया था।
सीएम साय ने किया पलटवार
वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि 31 मार्च प्रदेश के लिए ऐतिहासिक दिन है और जवानों के साहस से छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद समाप्त हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री को इसके लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि नक्सलवाद प्रदेश के विकास में बड़ा बाधक था और अब बस्तर तेजी से आगे बढ़ेगा।
सीएम साय ने कहा कि अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि भूपेश बघेल का बयान असत्य है और अपनी कमजोरी छिपाने के लिए ऐसा कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2023 में सरकार बनने के बाद समीक्षा में पता चला कि 75 प्रतिशत नक्सलवाद छत्तीसगढ़ में था और पूर्व सरकार ने अपेक्षित सहयोग नहीं दिया।
झीरम घाटी और राहुल गांधी पर भी टिप्पणी
सीएम साय ने झीरम घाटी मामले को लेकर भी बयान दिया और कहा कि पहले सबूत होने की बात कही गई थी, लेकिन सरकार में रहते हुए जांच आगे नहीं बढ़ी।
राहुल गांधी की यात्रा को लेकर भी उन्होंने कहा कि कई जगहों पर नक्सलियों से मुलाकात और मंच साझा करने के आरोप लगे थे, जिस पर देश सब समझता है।
प्रदेश में नक्सलवाद के मुद्दे पर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले समय में इस पर और बहस होने की संभावना है।





