SIR प्रक्रिया पर सियासी संग्राम: बृजमोहन बोले– रायपुर में कटेंगे एक लाख नाम, कांग्रेस ने किया पलटवार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में चुनावी तैयारियों के बीच मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस अभियान का मकसद मतदाता सूची को अपडेट करना और उसमें पारदर्शिता लाना है। 4 नवंबर 2025 से शुरू हुई यह प्रक्रिया 4 दिसंबर 2025 तक चलेगी। इस दौरान पूरे राज्य में प्रशासनिक अधिकारी और बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी जुटा रहे हैं।
इसी बीच भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल के एक बयान ने सियासत गर्मा दी है। उन्होंने कहा कि “मतदाता सूची का पुनरीक्षण बहुत जरूरी है। रायपुर शहर में ही करीब एक लाख नाम कट जाएंगे। कई लोगों के पते बदल गए हैं और कुछ की मृत्यु हो चुकी है। अगर सही तरीके से जांच हुई तो इतने नाम हटेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि “SIR के जरिए मतदान केंद्र बढ़ने चाहिए और फर्जी मतदाताओं के नाम हटने चाहिए।”
उनके इस बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, “इसका मतलब तो यह हुआ कि बृजमोहन अग्रवाल खुद मान रहे हैं कि रायपुर में एक लाख फर्जी मतदाता हैं। भाजपा इन्हीं की वजह से अब तक चुनाव जीतती रही है। हम भी चाहते हैं कि फर्जी नाम हटाए जाएं, लेकिन चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। ये फर्जी मतदाता भी भाजपा के शासनकाल में जोड़े गए थे।”
SIR प्रक्रिया अब सियासी बहस का मुद्दा बन गई है, जहां एक तरफ भाजपा पारदर्शिता की बात कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे भाजपा की पुरानी चाल बता रही है।





