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एनकाउंटर में मारे गए अमित जोश के मददगार डी संतोष राव को पुलिस ने किया गिरफ्तार, बहन के घर में ली थी शरण

भिलाई। बीते आठ नवंबर को जयंती स्टेडियम के पीछे पुलिस एनकाउंटर में मारे गए अमित जोश उर्फ मोरिस के फरार रहने के दौरान उसकी मदद करने वाले एक आरोपी डी संतोष राव को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी डी संतोष राव ने अपने एक दोस्त शंकर भाट के साथ मिलकर अमित जोश को अपने धुरंधर वार्ड भाठापारा स्थित घर में शरण दी थी।

पुलिस को इसकी जानकारी लगने पर पुलिस ने भाठापारा में दबिश भी दी थी, लेकिन आरोपी अमित जोश और डी संतोष राव फरार हो गए थे। डी संतोष राव को पुलिस ने उसकी बहन के घर से गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर अमित जोश की स्कूटी को पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन की पार्किंग से बरामद किया गया है।

बता दें कि शहर के कुख्यात बदमाश अमित जोश उर्फ मोरिस ने अपने कुछ दोस्तों सागर बाघ उर्फ डागी, मुकुल सोना, अंकुर शर्मा और यशवंत नायडू के साथ मिलकर बीते 25 जून की देर रात को सेक्टर-6 ग्लोब चौक के पास विश्रामपुर निवासी सुनील यादव और आदित्य सिंह पर गोली चला दी थी।

उसके साथी सागर बाघ उर्फ डागी, मुकुल सोना, अंकुर शर्मा और यशवंत नायडू को पुलिस ने अलग अलग दिनांक को गिरफ्तार किया था। वहीं अमित जोश आठ नवंबर को पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। एनकाउंटर के बाद एसपी जितेंद्र शुक्ला ने स्पष्ट किया था कि ये इस मामले का अंत नहीं है। अमित जोश की किसी भी प्रकार से मदद करने वाले भी जेल जाएंगे।

एसपी के निर्देश के बाद पुलिस ने अमित जोश की मदद करने वालों को चिह्नित कर उनकी तलाश शुरू की थी। धुरंधर वार्ड भाठापारा निवासी आरोपित डी संतोष राव और उसके दोस्त शंकर भाट ने अमित जोश को भाठापारा स्थित अपने घर में शरण दी थी। शंकर भाट पूर्व में गिरफ्तार हो चुका है। वहीं डी संतोष राव फरार था। जिसे शनिवार को उसकी बहन के घर सेक्टर-6 से गिरफ्तार किया गया है।

भिलाई से ही स्कूटी लेकर भागा था अमित जोश

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद अमित जोश अपने घर से ही स्कूटी और एक पिस्टल लेकर भागा था। वो पहले भाठापारा में जाकर छिपा, लेकिन जब पुलिस उसे खोजते हुए वहां भी पहुंच गई तो वो वहां से स्कूटी लेकर भाग निकला।

उसने स्कूटी को पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन की पार्किंग में खड़ा कर दिया और ट्रेन से भाग गया था। डी संतोष राव भी उसके साथ पेंड्रा रोड तक गया था और वहां से अलग हो गया था। इसलिए उसे अमित जोश के स्कूटी के बारे में जानकारी थी और उसकी निशानदेही पर स्कूटी को बरामद किया गया।

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