दिग्गज फोटो जर्नलिस्ट रघु राय का 83 की उम्र में निधन—लेंस से भारत की आत्मा को दुनिया तक पहुंचाया

भारत के मशहूर फोटो पत्रकार रघु राय का रविवार को 83 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से कैंसर और उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनके निधन से पत्रकारिता और फोटोग्राफी जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
परिवार के अनुसार, उन्हें पहले प्रोस्टेट कैंसर हुआ था, जो बाद में शरीर के अन्य हिस्सों और अंततः मस्तिष्क तक फैल गया। हाल के दिनों में उनकी स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई थी।
कैमरे से रची भारत की जीवंत कहानी
रघु राय को भारत के सबसे प्रतिष्ठित फोटो जर्नलिस्ट्स में गिना जाता है। उनके कैमरे ने देश के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक जीवन के अनगिनत रंगों को बेहद संवेदनशीलता के साथ दुनिया के सामने रखा।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1965 में की और 1966 में ‘द स्टेट्समैन’ से मुख्य फोटोग्राफर के रूप में जुड़े। बाद में उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रकाशनों के साथ काम किया और अपने फोटो निबंधों से वैश्विक पहचान बनाई।
अंतरराष्ट्रीय पहचान और सम्मान
विश्व प्रसिद्ध फोटोग्राफर हेनरी कार्टियर-ब्रेसों ने उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें प्रतिष्ठित संस्था मैग्नम फोटोज के लिए नामांकित किया था।
रघु राय को 1972 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें ‘फोटोग्राफर ऑफ द ईयर’ (1992) और फ्रांस का प्रतिष्ठित ‘ऑफिसियर देस आर्ट्स एट लेटर्स’ सम्मान (2009) भी मिला।
इंडिया टुडे से जुड़कर नई पहचान
1982 में उन्होंने इंडिया टुडे के साथ पिक्चर एडिटर के रूप में काम शुरू किया। यहां उन्होंने कई यादगार फोटो स्टोरीज और विशेषांक तैयार किए, जो आज भी पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए मिसाल माने जाते हैं।
दुनिया भर में छपे उनके काम
उनकी तस्वीरें टाइम, लाइफ, न्यूयॉर्क टाइम्स, वोग और कई अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हुईं। उनके काम ने भारत की कहानियों को वैश्विक मंच तक पहुंचाया।
रघु राय का जाना भारतीय फोटो पत्रकारिता के एक युग का अंत है, लेकिन उनकी तस्वीरें हमेशा देश की कहानी कहती रहेंगी।





