Passengers Are Unsafe: ट्रेनों में चोर बेखौफ,रेल सुरक्षा व्यवस्था बेनकाब….
अंबिकापुर–दुर्ग एक्सप्रेस में चोरी, सिस्टम पर उठे सवाल

ट्रेनों में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने एक बार फिर रेल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। (Passengers Are Unsafe) यात्रियों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे तमाम दावों की हकीकत अब सवालों के घेरे में है। ताजा मामला अंबिकापुर–दुर्ग एक्सप्रेस का है, जहां एक यात्री का कीमती बैग चोरी हो गया। मामले में शून्य एफआईआर तो दर्ज कर ली गई, लेकिन इसके बाद पूरा सिस्टम मानो खामोश हो गया। न तो किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी सामने आई और न ही यात्रियों को सुरक्षा का कोई भरोसा मिला। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी सामने आकर जवाब देने को तैयार नहीं है। जीआरपी, आरपीएफ और क्राइम ब्रांच एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आ रहे हैं।
शून्य एफआईआर के बाद सन्नाटा,यात्रियों की सुरक्षा राम भरोसे…(Passengers Are Unsafe)
यात्रियों का आरोप है कि चोरी की घटनाओं को दबाने की कोशिश की जाती है, ताकि किसी अधिकारी की जवाबदेही तय न हो सके। (Passengers Are Unsafe) फाइलें कागजों में ही घूमती रहती हैं और पीड़ित यात्री न्याय की आस लगाए भटकते रहते हैं। इतना ही नहीं, रेलवे पुलिस की कमान संभालने वाले एसपी की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लगातार शिकायतों और बढ़ती घटनाओं के बावजूद न कोई समीक्षा बैठक हो रही है, न सख्त निर्देश जारी किए जा रहे हैं। लगातार हो रही चोरियों और अधिकारियों की चुप्पी से यात्रियों में भारी नाराजगी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब जिम्मेदार अधिकारी जागेंगे और कब रेल यात्रियों को सुरक्षित सफर का भरोसा मिलेगा।





