डीसाईपल्स ऑफ खाईष्ट चर्च में मनाया गया खजूर पर्व

बिलासपुर।
सीविल लाइन स्थित डीसाईपल्स ऑफ खाईष्ट चर्च में रविवार को कलिसिया समाज द्वारा पूरे श्रद्धा भाव से खजूर पर्व मनाया गया। यह पर्व पवित्र सप्ताह की शुरुआत का प्रतीक है, जिसमें प्रभु यीशु के येरुसलेम प्रवेश की स्मृति ताजा की जाती है।
इस अवसर पर चर्च में आयोजित विशेष प्रार्थना सभा में फादर रेवरेंट अनुराग नथानियल ने प्रभु यीशु की जीवनी और उनके बलिदान पर संदेश दिया। उन्होंने बताया कि यह पर्व यीशु के उस ऐतिहासिक येरुसलेम आगमन को याद दिलाता है, जब लोगों ने रास्ते में कपड़े और खजूर की डालियाँ बिछाकर उनका स्वागत किया था।
“दाऊद के पुत्र के नाम होसन्ना!”
फादर अनुराग ने बताया कि यीशु को देख येरुसलेम वासियों ने “दाऊद के पुत्र के नाम होसन्ना” कहते हुए उनका स्वागत किया। यह पर्व न केवल एक धार्मिक परंपरा है, बल्कि प्रभु के दुखभोग और बलिदान की स्मृति भी है। यह रविवार पुण्य सप्ताह की शुरुआत करता है, जो क्रूस पर चढ़ाए जाने से लेकर पुनरुत्थान तक की घटनाओं से जुड़ा होता है।
जुलूस और जयघोष
इस अवसर पर चर्च में एक प्रतीकात्मक जुलूस भी निकाला गया, जिसमें श्रद्धालु खजूर की डालियाँ हाथ में लेकर जयघोष करते नज़र आए — “हे प्रभु, हमें बचा!” यह जुलूस प्रभु के लिए प्रेम, विश्वास और भक्ति का प्रतीक रहा।





