एनएसयूआई ने डी.पी. विप्र महाविद्यालय को सौंपा ज्ञापन, 1180 छात्रों के भविष्य पर उठाए सवाल

बिलासपुर के डी.पी. विप्र महाविद्यालय में परीक्षा और उसके परिणामों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एनएसयूआई (राष्ट्रीय छात्र संघ) ने कॉलेज प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए 1180 छात्रों के भविष्य पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
स्वशासी परीक्षा की वैधता पर संदेह
एनएसयूआई का आरोप है कि महाविद्यालय प्रशासन ने बिना विश्वविद्यालय की स्वीकृति के स्वशासी (ऑटोनॉमस) परीक्षा आयोजित कर परिणाम जारी कर दिए, जबकि यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। विश्वविद्यालय ने इन परिणामों को अमान्य घोषित कर दिया है, जिससे छात्रों में भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
छात्रों को यह समझ नहीं आ रहा है कि उनके परिणाम मान्य होंगे या नहीं, जिससे उनके आगे की पढ़ाई और भविष्य पर असर पड़ सकता है। एनएसयूआई ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए कॉलेज प्रबंधन को 5 दिनों का अल्टीमेटम दिया है।
एनएसयूआई के छात्रनेता पुष्पराज साहू ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देंगे। परीक्षा और परिणाम वैध हैं या नहीं, यह तुरंत स्पष्ट किया जाना चाहिए।”
वहीं, एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह ने चेतावनी दी कि यदि 5 दिनों के भीतर प्रशासन की ओर से उचित जवाब नहीं मिला, तो संगठन महाविद्यालय का घेराव करेगा और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
छात्रों में आक्रोश
इस मामले को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी है। वे अपनी मेहनत और समय को लेकर चिंतित हैं। अगर परीक्षा के परिणाम मान्य नहीं होते, तो उनका एक साल बर्बाद हो सकता है।
एनएसयूआई ने महाविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि:
1. परिणामों की वैधता पर जल्द से जल्द स्थिति स्पष्ट की जाए।
2. छात्रों को न्यायिक प्रक्रिया में उलझाने के बजाय, उनके भविष्य को सुरक्षित रखने का निर्णय लिया जाए।
3. अगर परीक्षा अवैध थी, तो इसकी जिम्मेदारी तय की जाए और समाधान निकाला जाए।
अब देखना यह होगा कि कॉलेज प्रशासन इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या छात्रों को राहत मिलती है या उन्हें विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।





