अपोलो अस्पताल में नवजात की मौत, लापरवाही के आरोप; प्रशासन ने बनाई जांच समिति

बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में एक नवजात की मौत के मामले ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही और प्रसव में देरी के कारण बच्चे की गर्भ में ही मौत हो गई। घटना 24 दिसंबर की बताई जा रही है।
विनोबा नगर की रहने वाली पीहू अग्रवाल को प्रसव पीड़ा होने पर अपोलो अस्पताल में भर्ती किया गया था। परिवार का कहना है कि डॉक्टरों को समय रहते ऑपरेशन करना चाहिए था, लेकिन बार-बार कहने के बाद भी सिजेरियन नहीं किया गया। पहले खांसी का बहाना दिया गया और बाद में भी ऑपरेशन टलता रहा। परिजनों के मुताबिक, अगर समय पर सर्जरी हो जाती, तो बच्चे की जान बच सकती थी।
मामले के सामने आते ही प्रशासन हरकत में आ गया। कलेक्टर के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई है। इस टीम में सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता, गायनाकोलॉजिस्ट डॉ. कृष्णा मित्तल और एक शिशु रोग विशेषज्ञ शामिल हैं। ये टीम अस्पताल के सभी रिकॉर्ड, इलाज से जुड़े दस्तावेज, डॉक्टरों और परिजनों के बयान लेकर जांच करेगी।
CMHO डॉ. शुभा गरेवाल ने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और अगर किसी भी तरह की लापरवाही साबित होती है तो अस्पताल और जिम्मेदार डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
यह मामला बेहद संवेदनशील है और शहर में चिंता का विषय बना हुआ है।





