पशु कल्याण को मजबूत करने के लिए हर जिले में बनेगी नई कमेटी, सरकार का बड़ा फैसला

राजधानी में पशु कल्याण व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। सभी राजस्व जिलों में सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (SPCA) के गठन का निर्णय लिया गया है, जिससे पशुओं के संरक्षण और क्रूरता के मामलों पर बेहतर नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक जिले में बनने वाली SPCA कमेटी की जिम्मेदारी संबंधित जिला मजिस्ट्रेट के पास होगी। इन समितियों में पशु कल्याण से जुड़े विशेषज्ञों और अन्य सदस्यों को शामिल किया जाएगा, जो स्थानीय स्तर पर निगरानी और कार्रवाई को तेज करेंगे।
यह समितियां पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत काम करेंगी और पशुओं के प्रति होने वाले अत्याचार के मामलों में तुरंत हस्तक्षेप कर सकेंगी। इससे न केवल मामलों की निगरानी बेहतर होगी, बल्कि समन्वय और कार्रवाई की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी बनेगी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पुरानी प्रणाली को समाप्त कर दिया जाएगा, जिससे पूरी व्यवस्था अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित हो सके। राज्य स्तर पर एक केंद्रीय निकाय इस पूरे तंत्र की निगरानी करेगा और जिला समितियों को आवश्यक तकनीकी व वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।
सरकार का मानना है कि इस कदम से पशुओं के संरक्षण और कल्याण के क्षेत्र में ठोस सुधार होगा और समाज में संवेदनशीलता को बढ़ावा मिलेगा।





