कक्षा 8 की नई NCERT किताब में बदलाव: विभाजन पर गांधी-कांग्रेस की भूमिका स्पष्ट, ‘सभी मुसलमान पक्ष में नहीं थे’

नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की नई किताब जारी की है, जिसमें 1947 के भारत विभाजन को लेकर कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
नई किताब में स्पष्ट किया गया है कि महात्मा गांधी और अधिकतर कांग्रेस नेता विभाजन के खिलाफ थे, लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने इसे अंतिम विकल्प के रूप में स्वीकार किया। साथ ही यह भी जोड़ा गया है कि उस समय सभी भारतीय मुसलमान विभाजन के पक्ष में नहीं थे, बल्कि एक बड़ा वर्ग इसके विरोध में था।
पुरानी किताब में बताया गया था कि ब्रिटिश सरकार द्वारा भेजा गया कैबिनेट मिशन कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच सहमति नहीं करा सका, जिसके बाद विभाजन लगभग तय हो गया। हालांकि उसमें यह स्पष्ट उल्लेख नहीं था कि कांग्रेस ने इसे “अंतिम रास्ता” मानकर स्वीकार किया।
नई किताब में क्या जोड़ा गया?
नई पुस्तक Exploring Society: India and Beyond – Part 2 में 1857 की क्रांति से लेकर 1947 तक के स्वतंत्रता संग्राम का विस्तृत वर्णन है। इसमें बंगाल विभाजन, आजादी का आंदोलन और देश के बंटवारे की पृष्ठभूमि को नए दृष्टिकोण से समझाया गया है।
किताब में यह भी बताया गया है कि इतिहासकारों के बीच इस बात पर बहस रही है कि ब्रिटेन ने भारत क्यों छोड़ा। पहले जहां गांधी की अहिंसा और कांग्रेस की रणनीति को मुख्य कारण माना जाता था, वहीं अब जन आंदोलनों, क्रांतिकारियों की गतिविधियों और सशस्त्र बलों में हुए विद्रोह जैसे अन्य कारणों को भी महत्वपूर्ण बताया गया है।
इस बदलाव को लेकर शिक्षा जगत और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। NCERT की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पहली किताब (Part 1) पिछले वर्ष जारी की गई थी, और अब Part 2 के साथ पाठ्यक्रम में यह नया दृष्टिकोण सामने आया है।





