Et af de længst eksisterende offshore-navne er stadig Queenvegas selvom konkurrencen er blevet hård. I sammanställningar av nyare alternativ förekommer Slotser casino som ett av flera mindre kända varumärken. Bland mindre etablerade sajter återfinns Newlucky casino som har en relativt enkel webbplats men ett brett spelutbud. För dem som vill veta mer om sajter utan begränsningar kan man klicka här och bläddra bland alternativen. Among lion-themed brand entries is www.leoncasino.nu which sits alongside several similar names. För spelare som är nyfikna på bonus buy-mekaniken kan man läs mer här för en bredare överblick.

नवा रायपुर का पहला ट्राइबल म्यूजियम बना आकर्षण का केंद्र, दिख रही आदिवासी जीवनशैली की अनोखी झलक

रायपुर। नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ का पहला ट्राइबल म्यूजियम (जनजातीय संग्रहालय) बनकर तैयार हो गया है, जिसकी तारीफ अब देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी हो रही है। करीब 10 एकड़ जमीन में फैले इस म्यूजियम को 9 करोड़ 27 लाख रुपए की लागत से बनाया गया है। यहां राज्य के 43 जनजातीय समुदायों और उनकी उपजातियों की संस्कृति, परंपरा और रहन-सहन को बेहद खूबसूरत और जीवंत तरीके से दिखाया गया है।

क्या खास है म्यूजियम में?

म्यूजियम में 14 थीम आधारित गैलरियां हैं, जहां हर गैलरी आदिवासी जीवन के किसी खास पहलू को दिखाती है – जैसे उनका खाना, पहनावा, घर, त्योहार, नृत्य, संगीत, खेती-किसानी, हथियार, शिकार उपकरण और घरेलू चीज़ें।

म्यूजियम की एक खास चीज़ है “लाल बंगला”, जिसे भुंजिया जनजाति की रसोई के रूप में दिखाया गया है। यह लाल मिट्टी से बनी एक अलग झोपड़ी होती है जिसमें सिर्फ भुंजिया समुदाय के लोग ही जा सकते हैं। अगर कोई बाहरी व्यक्ति चला जाए, तो वे पूरी रसोई नष्ट कर देते हैं और दोबारा इसे नई जगह पर ही बनाते हैं।4772567 01

https://youtu.be/dOObfuTasJA

मूर्तियां जो लगती हैं जीवित

यहां रखी गई मूर्तियां (स्कल्पचर) इतनी असली लगती हैं कि देखने पर ऐसा लगता है मानो आप किसी असली आदिवासी गांव में घूम रहे हों। हर मूर्ति किसी न किसी गतिविधि जैसे नाचते हुए, खाना बनाते हुए या खेती करते हुए दिखाई देती है।

4772568 05

आभूषण भी हैं खास

म्यूजियम में आदिवासी महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले नुकीले कंगनों को भी दिखाया गया है। ये कंगन सिर्फ सजावट के लिए नहीं बल्कि सेल्फ डिफेंस (आत्मरक्षा) के लिए भी काम आते हैं- खासकर जब महिलाएं अकेले जंगल में जाती हैं।

परंपरागत तकनीक और कलाएं

यहां आदिवासियों की बांस कला, चित्रकारी, गोदना कला, लकड़ी की शिल्पकला जैसी पारंपरिक कलाओं को भी शानदार ढंग से दर्शाया गया है। साथ ही, अबुझमाड़िया, बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, भुंजिया और पंडो जैसे विशेष जनजातीय समूहों की अनोखी जीवनशैली भी देखने को मिलती है।

4772569 untitled 18 copy

रिसर्च के लिए अनमोल जगह

इस म्यूजियम को देखने आम लोग तो आ ही रहे हैं, साथ ही ट्राइबल कल्चर पर रिसर्च करने वालों के लिए भी यह जगह बहुत खास साबित हो रही है। यह म्यूजियम छत्तीसगढ़ की आदिवासी विरासत को संजोने और दिखाने का बेहतरीन प्रयास है।

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई