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National Education Policy 2020 : क्या है नई शिक्षा नीति? क्या अब नहीं होगी 10वीं बोर्ड परीक्षा…

नई दिल्ली। भारत की शिक्षा प्रणाली में हो रहा है सबसे बड़ा बदलाव! क्या है नई शिक्षा नीति? कैसे बदल जाएगी आपकी पढ़ाई और करियर की दिशा? क्या आप भी बोरिंग पढ़ाई से परेशान हैं? सोचिए अगर आपकी क्लास में रट्टा मारने की जगह प्रैक्टिकल और दिलचस्प तरीके से पढ़ाई हो… कैसा लगेगा?

नई शिक्षा नीति लाने जा रही है ऐसी ही क्रांतिकारी बदलाव!

नई शिक्षा नीति, जिसे NEP 2020 कहा जाता है, 34 साल बाद आई है। इससे पहले 1986 में शिक्षा नीति बदली थी। इसका मकसद है शिक्षा को ज्यादा क्रिएटिव, फ्लेक्सिबल और प्रैक्टिकल बनाना।

पहले 10+2 का सिस्टम था, अब 5+3+3+4 का स्ट्रक्चर लागू होगा।

इसका मतलब है:

Foundational Stage (5 साल): 3 साल प्री-स्कूल + 2 साल क्लास 1-2

Preparatory Stage (3 साल): क्लास 3-5

Middle Stage (3 साल): क्लास 6-8

Secondary Stage (4 साल): क्लास 9-12

 

अब 6 साल की उम्र में ही पहली क्लास शुरू होगी और बच्चों को मातृभाषा में पढ़ाई कराने पर जोर दिया जाएगा। अब कॉलेज में Multiple Entry-Exit System होगा। यानी अगर आप बीच में पढ़ाई छोड़ते हैं, तो भी आपको सर्टिफिकेट मिलेगा। एक साल के बाद सर्टिफिकेट, दो साल के बाद डिप्लोमा, और तीन-चार साल में डिग्री! इसके अलावा अब छात्रों को विभिन्न विषयों का चुनाव करने की आज़ादी होगी। साइंस, कॉमर्स या आर्ट्स की दीवारें टूट जाएंगी!

नई शिक्षा नीति में डिजिटल लर्निंग पर खास ध्यान दिया गया है। ऑनलाइन एजुकेशन, वर्चुअल लैब्स और AI जैसी टेक्नोलॉजी से पढ़ाई होगी। इसके अलावा, नैतिक शिक्षा और लाइफ स्किल्स पर भी ज़ोर दिया जाएगा, जिससे छात्र जीवन के हर क्षेत्र में सफल हो सकें।

अब केवल 12वीं कक्षा में बोर्ड परीक्षा होगी।

10वीं बोर्ड परीक्षा अनिवार्य नहीं होगी।

एमफिल (MPhil) को समाप्त कर दिया जाएगा।

कॉलेज की डिग्री 4 वर्ष की होगी।

अब 5वीं तक की पढ़ाई मातृभाषा, स्थानीय भाषा और राष्ट्रीय भाषा में होगी।

अंग्रेजी को सिर्फ एक विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा।

9वीं से 12वीं तक सेमेस्टर प्रणाली लागू होगी।

कॉलेज की डिग्री अब 3 या 4 साल की होगी।

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