नंदराज पहाड़ लीज विवाद गहराया, ग्रामीणों ने खनन पर रखीं सख्त शर्तें

दंतेवाड़ा जिले में खनन को लेकर लंबे समय से जारी विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। जिस पहाड़ को खनन के लिए कंपनी को लीज पर दिया गया है, वहां ग्रामीणों ने एक दशक से काम रुकवा रखा है। अब ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि सरकारी लीज उन्हें मंजूर नहीं है और कंपनी को काम करना है तो सीधे ग्रामसभा से समझौता करना होगा।
ग्रामसभा की सहमति पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि जिस ग्रामसभा के आधार पर खनन की अनुमति दी गई, उसमें बेहद कम लोगों की सहमति दिखाई गई। उनका कहना है कि इतने बड़े फैसले के लिए पूरे गांव की सहमति जरूरी है। इसी तरह नंदराज पहाड़ के मामले में भी फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए लीज दिए जाने का आरोप लगाया गया है, जिसकी जांच लंबित बताई जा रही है।
10 साल से जारी विरोध, कंपनियों को लौटाया
ग्रामीण पिछले 10 साल से खनन कार्य का विरोध कर रहे हैं। कई बार कंपनियों ने सर्वे और काम शुरू करने की कोशिश की, लेकिन हर बार गांव वालों ने उन्हें रोक दिया। हाल ही में भी सर्वे टीम और ठेकेदारों को गांव की सीमा से ही वापस लौटा दिया गया।
रोजगार और अधिकार को लेकर रखीं शर्तें
ग्रामीणों ने कहा है कि यदि खनन होता है तो स्थानीय लोगों को रोजगार और हिस्सेदारी दी जाए। खनिज परिवहन का अधिकार भी गांव के लोगों को मिले और सभी फैसलों में ग्रामसभा की अनुमति अनिवार्य हो। प्रशासन का कहना है कि इस मामले में जांच कराई जाएगी और आगे का रास्ता आपसी सहमति से निकाला जा सकता है।





