नंदनवन जू और जंगल सफारी घूमना हुआ महंगा, टिकट दरों में 50 फीसदी तक बढ़ोतरी

नवा रायपुर स्थित नंदनवन जू और जंगल सफारी घूमने आने वाले पर्यटकों को अब पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। वन और जलवायु परिवर्तन विभाग ने जू एंट्री, सफारी राइड और अन्य सुविधाओं के टिकट दरों में बड़ा बदलाव किया है। नई दरें लागू होने के बाद कई श्रेणियों में टिकट कीमतों में 50 फीसदी तक बढ़ोतरी की गई है, जबकि कुछ कैटेगरी में शुल्क पहले से दोगुना तक हो गया है।
वन विभाग का कहना है कि बढ़ी हुई दरों से पर्यटक सुविधाओं को बेहतर बनाने, रखरखाव और वन्यजीव संरक्षण कार्यों में मदद मिलेगी। नई रेट पॉलिसी लागू होने के बाद पर्यटकों के बीच इसकी चर्चा तेज हो गई है।
बच्चों और बड़ों के टिकट हुए महंगे
नई दरों के अनुसार 6 से 12 साल तक के बच्चों का जू एंट्री टिकट अब 25 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए कर दिया गया है। वहीं 12 साल से अधिक उम्र के पर्यटकों के लिए टिकट शुल्क 50 रुपए से बढ़ाकर 100 रुपए कर दिया गया है।
विदेशी पर्यटकों के टिकट में भी बड़ा इजाफा किया गया है। पहले विदेशी नागरिकों के लिए प्रवेश शुल्क 200 रुपए था, जिसे अब बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया गया है। इसके अलावा एसी बस और सफारी सेवाओं के किराए में भी वृद्धि की गई है।
हालांकि 60 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को पहले की तरह नि:शुल्क प्रवेश की सुविधा मिलेगी। इसके लिए वैध पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा।
वीकेंड और छुट्टियों पर नहीं मिलेगी मुफ्त एंट्री
नई पॉलिसी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को मिलने वाली मुफ्त एंट्री सुविधा वीकेंड, सार्वजनिक अवकाश और सरकारी छुट्टियों पर लागू नहीं होगी। ऐसे दिनों में उन्हें भी निर्धारित शुल्क देना होगा।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बढ़ते रखरखाव खर्च और पर्यटक सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है। विभाग का दावा है कि इससे सफारी क्षेत्र में बेहतर प्रबंधन और सुविधाओं का विस्तार किया जा सकेगा।
800 एकड़ में फैली है जंगल सफारी
नंदनवन जंगल सफारी नया रायपुर के सेक्टर-39 में स्थित है। यह करीब 800 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है और प्राकृतिक हरियाली के लिए जानी जाती है। यहां 130 एकड़ का खांडवा जलाशय भी मौजूद है, जहां हर साल प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं।
सफारी में शाकाहारी, भालू, टाइगर और शेर सफारी जैसी चार अलग-अलग जोन बनाए गए हैं। यहां जानवरों के लिए प्राकृतिक वातावरण, पानी, पेड़-पौधे और आश्रय की व्यवस्था की गई है। वर्तमान में जंगल सफारी में 3 बाघ, 4 भालू और करीब 80 शाकाहारी वन्यजीव मौजूद हैं, जिनमें चीतल, सांभर, नीलगाय, बार्किंग डियर और ब्लैक बक शामिल हैं।





