युवा कांग्रेस चुनाव में बड़े नेताओं के नाम और बाहरी एजेंसियों पर रोक

छत्तीसगढ़ में युवा कांग्रेस संगठन चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। संगठन ने चुनाव प्रक्रिया और सदस्यता अभियान में कई बड़े बदलाव किए हैं। नए नियमों का उद्देश्य संगठन में पारदर्शिता बढ़ाना और जमीनी कार्यकर्ताओं को आगे लाना बताया गया है। इसके तहत अब बड़े नेताओं के नाम और तस्वीरों के इस्तेमाल के साथ निजी एजेंसियों की मदद लेने पर भी रोक लगा दी गई है।
संगठन में लागू हुआ ‘एक व्यक्ति-एक पद’ नियम
युवा कांग्रेस ने संगठनात्मक ढांचे में बदलाव करते हुए ब्लॉक से लेकर प्रदेश स्तर तक नई व्यवस्था लागू की है। ब्लॉक कमेटी में 21 और विधानसभा कमेटी में 33 सदस्य रखे जाएंगे। जिला और राज्य स्तर की कमेटियों में 14 से 53 सदस्य होंगे। चुनाव जीतने के लिए न्यूनतम वोट की शर्त भी तय की गई है।
संगठन में महिलाओं, पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर समुदाय को भी प्रतिनिधित्व देने का प्रावधान किया गया है। कुछ जिलों में अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा।
सदस्यता और नामांकन शुल्क में बदलाव
प्रदेश अध्यक्ष पद के उम्मीदवार को 20 हजार रुपए और जिला अध्यक्ष पद के लिए 7500 रुपए शुल्क देना होगा। महिलाओं, एससी-एसटी और बीपीएल वर्ग के उम्मीदवारों को शुल्क में राहत दी जाएगी।
सदस्यता शुल्क 75 रुपए तय किया गया है। ऑनलाइन सदस्यता के बाद ही वोटिंग मान्य होगी। एक सदस्य ब्लॉक स्तर से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक कुल छह वोट डाल सकेगा। भुगतान पूरा होने के बाद ही वोट वैध माना जाएगा।
प्रचार के लिए बनाए गए सख्त नियम
चुनाव प्रचार में अखबारों में विज्ञापन देने की अनुमति नहीं होगी। किसी निजी या बाहरी एजेंसी को प्रचार के लिए नियुक्त करने पर उम्मीदवार को अपात्र घोषित किया जा सकता है। उम्मीदवार बड़े नेताओं के नाम और तस्वीरों का भी इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
शिकायत दर्ज कराने के लिए आईवाईसी एप के जरिए आवेदन करना होगा, जिसके लिए 1000 रुपए शुल्क तय किया गया है। चुनाव से जुड़ी पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी।





