बिना आदेश के काम से हटाए गए 200 से अधिक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी, दो महीने से नहीं मिला वेतन

बिलासपुर
जिले में आदिम जाति कल्याण विभाग के तहत काम कर रहे 200 से अधिक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को पिछले दो महीनों से न तो वेतन मिला है, न ही उनसे काम लिया जा रहा है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारियों ने उन्हें बिना किसी लिखित आदेश के कार्य से हटा दिया है, जिससे सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट गहराता जा रहा है।
कलेक्टर से लगाई गुहार
वेतन नहीं मिलने और काम से हटाए जाने के विरोध में परेशान कर्मचारियों ने जिले के कलेक्टर से मुलाकात की। कर्मचारियों ने बताया कि सरकार या विभाग की ओर से ऐसा कोई आदेश नहीं आया है, फिर भी अधिकारी मनमानी करते हुए उन्हें जबरन काम से हटा रहे हैं।
आर्थिक तंगी से बेहाल, महिलाएं भी शामिल
इस मुद्दे को लेकर महिला और पुरुष दैनिक वेतनभोगियों ने कहा कि वे दो महीने से वेतन न मिलने के कारण कर्ज में डूब गए हैं। बच्चों की पढ़ाई, घर का किराया, राशन जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। कई महिलाएं ऐसी भी हैं जो घर का एकमात्र सहारा हैं।
नियमों की अनदेखी का आरोप
कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मनमानी की जांच हो और उन्हें फिर से काम पर बहाल किया जाए। साथ ही लंबित वेतन का जल्द भुगतान भी किया जाए। उनका कहना है कि यह कदम शासन के नियमानुसार नहीं है, और यह दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई गरीबों के हितों के खिलाफ है।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
दैनिक वेतनभोगियों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की अपील की है। यदि जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।





