एसपी कार्यालय में अग्नि सुरक्षा को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन

बिलासपुर। अग्नि सुरक्षा सेवा सप्ताह के तहत मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, बिलासपुर में एक विशेष फायर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को आपातकालीन स्थितियों में फायर सेफ्टी से जुड़े सही और प्रभावी कदम उठाने की ट्रेनिंग देना था।
इस आयोजन में अग्निशमन विभाग, एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचन बल) और पुलिस विभाग के कई अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम की अगुवाई डीएसपी मुख्यालय रश्मित कौर चावला और सिविल लाइन थाना प्रभारी साहू ने की।
पुलिसकर्मियों को फायर सेफ्टी से लैस करने की पहल
कार्यक्रम के दौरान जिला अग्निशमन अधिकारी दीपांकुर नाथ ने पुलिसकर्मियों को फायर ट्राएंगल, एक्सटिंग्विशिंग मीडिया, और फायर एक्सटिंग्विशर के प्रकार के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि: किस प्रकार की आग को किस तरह के फायर एक्सटिंग्विशर से बुझाना चाहिए
दुर्घटना की स्थिति में क्या करें और क्या नहीं, कैसे सामान्य सतर्कता से बड़ी दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है
इसके अलावा एसडीआरएफ के जवानों ने现场 पर एक लाइव मॉक ड्रिल कर के दिखाया कि आग लगने की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया कैसे दी जानी चाहिए और आग को सुरक्षित रूप से कैसे बुझाया जाता है।
क्या कहा अधिकारियों ने?
रश्मित कौर चावला (एसडीओपी, बिलासपुर)
“पुलिसकर्मी किसी भी दुर्घटना स्थल पर सबसे पहले पहुंचते हैं, ऐसे में उन्हें फायर सेफ्टी की समुचित जानकारी होना बेहद जरूरी है। इस तरह की ट्रेनिंग से न सिर्फ वे खुद सुरक्षित रहते हैं, बल्कि दूसरों की जान बचाने में भी प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।”
उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि आग लगने की घटनाओं को हल्के में न लें, और सजग व सतर्क रहकर आग से जुड़ी किसी भी स्थिति में सही कदम उठाएं।
सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम
इस मॉक ड्रिल को शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है। ऐसे आयोजन न केवल कर्मियों को तकनीकी रूप से तैयार करते हैं, बल्कि आम नागरिकों में भी फायर सेफ्टी के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं।





