मिलेट कैफ़े और कार्ट योजना से युवाओं को मिलेगा रोज़गार, महिलाओं को आत्मनिर्भरता की राह

राजनांदगांव |
राज्य शासन ने युवाओं और स्व-सहायता समूहों को स्वरोज़गार से जोड़ने के लिए “मिलेट कैफ़े और कार्ट” योजना की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य न सिर्फ मिलेट (श्री अन्न) को बढ़ावा देना है, बल्कि स्वास्थ्यवर्धक भोजन को जन-जन तक पहुंचाते हुए रोज़गार के नए अवसर भी पैदा करना है।
निशुल्क स्थान, बिना आवेदन शुल्क और किराया
राज्य सरकार ने तय किया है कि इस योजना के तहत इच्छुक युवाओं, महिलाओं और स्व-सहायता समूहों को शासकीय व निजी शैक्षणिक संस्थानों, मेडिकल, इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक कॉलेजों और महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर मिलेट आधारित कैफ़े या कार्ट खोलने की अनुमति दी जाएगी।
खास बात यह है कि इन स्टॉल्स के लिए न तो आवेदन शुल्क देना होगा, और न ही किसी प्रकार का मासिक किराया लिया जाएगा।
राजनांदगांव में साथी बाजार बना रोल मॉडल
राजनांदगांव के साथी बाजार में भी इस योजना के तहत युवाओं और महिला समूहों को निशुल्क दुकानें आवंटित की जा रही हैं। यह पहल स्थानीय स्तर पर रोज़गार सृजन और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नया आयाम जोड़ रही है।
मिलेट को मिलेगा नया बाज़ार, छात्रों को मिलेगा सेहतमंद विकल्प
इस योजना से एक ओर जहां पोषणयुक्त श्री अन्न को लोकप्रियता मिलेगी, वहीं छात्रों व आम लोगों को सेहतमंद और टिकाऊ भोजन विकल्प मिलेंगे। इसके साथ ही यह योजना उन युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद उद्यमिता की शुरुआत करना चाहते हैं।
बैठक में योजना की जानकारी दी गई
कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित बैठक में स्व-सहायता समूहों और एनजीओ से जुड़ी महिलाओं ने भाग लिया। बैठक में उन्हें आवेदन प्रक्रिया और योजना के उद्देश्य की विस्तार से जानकारी दी गई।
क्या बोले अधिकारी?
अनुराग लाल (स्टेट हेड) ने बताया:
“यह योजना युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य शासन की एक महत्वपूर्ण पहल है।”
बिंदु सिंह कच्छवाहा ने कहा:
“हम न केवल पोषण का प्रचार कर रहे हैं बल्कि स्वरोज़गार का भी रास्ता खोल रहे हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं को लाभ होगा।”





