Naxal Surrender:छत्तीसगढ़ में बड़ा झटका नक्सलियों को: दो हार्डकोर इनामी माओवादियों ने किया सरेंडर!

Naxal Surrender: राजनांदगांव: दो हार्डकोर ईनामी नक्सलियों ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पुलिस और सीआरपीएफ टीम के सामने आत्मसमर्पण किया है। इन दोनों की सरेंडर करने की खबर से सुरक्षा बलों और सरकार के बीच राहत की लहर दौड़ गई है।
सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को नक्सल संगठन की सप्लाई टीम की डीवीसी सदस्य कांता उर्फ कांतक्का, उर्फ मांडी गालु पल्लो कंटक्का (56 वर्ष) और सुरेश उर्फ वारलु ईरपा मज्जी कंटक्का (30 वर्ष) ने आत्मसमर्पण किया। कांता, जो 1993 से नक्सल संगठन में शामिल हैं, संगठन की सप्लाई टीम में शीर्ष पर रही हैं। वहीं, सुरेश ने 2021 में ही संगठन में कदम रखा था।
सरकारी एजेंसियों ने इन दोनों पर क्रमशः 16 लाख रुपए और 2 लाख रुपए का ईनाम घोषित किया था। कुल मिलाकर इन दोनों के लिए 18 लाख रुपए का ईनाम रखा गया था। यह ईनाम उनके द्वारा कई वारदातों में शामिल होने और संगठन के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के कारण घोषित किया गया था।
दोनों नक्सलियों ने बताई कि संगठन में चल रहे भेदभाव और पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण उन्होंने आत्मसमर्पण का निर्णय लिया। कहा जा रहा है कि लंबे समय तक लगातार पुलिस और सुरक्षा बलों के तेज ऑपरेशनों के कारण उनके लिए सुरक्षित रहना मुश्किल हो गया था। संगठन के भीतर भी आंतरिक मतभेद और दबाव के चलते अब कई नक्सलियों के लिए सरेंडर करना एक विकल्प बन चुका है।
सरकार और सुरक्षा बल इस सरेंडर की घटना को एक बड़ी सफलता मान रहे हैं। इनकी सरेंडर से संगठन के खिलाफ चल रही कार्रवाई में और भी तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही, इस घटना से अन्य नक्सलियों पर भी दबाव बनेगा, जिससे उनकी गतिविधियों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
पुलिस और सीआरपीएफ टीम ने दोनों सरेंडरकर्ताओं के बयान दर्ज किए हैं और आगे की जांच जारी है। सरकार ने कहा है कि आगे भी ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी ताकि नक्सलवाद पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके।





