महेश–राजामौली की फिल्म का नाम बदला, ‘Kashi Chronicles’ के साथ आगे बढ़ेगा प्रोजेक्ट

महेश बाबू और एसएस राजामौली की मोस्ट अवेटेड फिल्म के टाइटल विवाद ने आखिरकार विराम ले लिया है. पहले इस फिल्म का नाम ‘वाराणसी’ रखा गया था, लेकिन घोषणा के बाद एक अन्य निर्देशक ने इस पर आपत्ति दर्ज की थी. निर्देशक सीएच सुब्बा रेड्डी का दावा था कि उन्होंने दो साल पहले ही ‘वाराणसी’ टाइटल का रजिस्ट्रेशन करा लिया था.
इसी के बाद फिल्म जगत में टाइटल अधिकार को लेकर चर्चाएं तेज़ हो गईं. महेश बाबू के साथ प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन जैसे बड़े कलाकार इस प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं, जिससे दर्शकों की उम्मीदें और भी ज्यादा बढ़ गई हैं. दोनों सितारों और राजामौली की पहली साझेदारी के कारण फिल्म रिलीज से पहले ही सुर्खियों में बनी हुई है.
विवाद की शुरुआत
यह मामला तब शुरू हुआ, जब ‘ग्लोब ट्रॉटर’ इवेंट के बाद सीएच सुब्बा रेड्डी ने शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने कहा कि ‘वाराणसी’ शीर्षक उनके द्वारा पहले से पंजीकृत है और किसी अन्य फिल्म के लिए इसका उपयोग नहीं किया जा सकता. उड़ान कंट्रोल से जुड़े सिस्टम की तरह यह विवाद भी फिल्म की दिशा और स्थिरता पर असर डालने की आशंका पैदा कर रहा था.
समाधान का रास्ता
जांच और चर्चाओं के बाद यह बात सामने आई कि टाइटल से जुड़े टकराव को आपसी सहमति से सुलझाया जा सकता है. भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक, इस विवाद का हल खोजते हुए मेकर्स ने फिल्म का नाम बदलने और पूरी तरह नए टाइटल के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया. फिल्म अब आधिकारिक तौर पर ‘Kashi Chronicles’ शीर्षक से रिलीज की दिशा में बनाई जा रही है.
फैंस पर क्या असर?
नाम बदलने से कहानी या कलाकारों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. फिल्म का हाई बजट और तकनीकी रूप से एडवांस प्लॉट इसे अगले स्तर का सिनेमाई अनुभव देने का दावा कर रहा है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में संकेत मिले हैं कि फिल्म का कथानक टाइम ट्रैवेल की अवधारणा को दिखा सकता है, लेकिन रिलीज की तारीख को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.
महिला प्रीमियर लीग की तरह, अब सभी की निगाहें इस फिल्म के अगले अपडेट पर हैं. टाइटल विवाद के सुलझने के बाद फैंस में रोमांच फिर से जग गया है और मेकर्स पूरी तैयारी के साथ अगले चरण में काम तेज़ कर रहे हैं.





