MAHAKUMBH AAGJANI: NIA-ATS के रडार पर 1000 संदिग्ध, 10 हिरासत में, 117 से पूछताछ

वाराणसी। महाकुंभ में आगजनी के मामले में एनआईए और एटीएस ने जांच में तेजी ला दी है। जांच अधिकारियों ने आगजनी करने वाले आरोपियों को पकड़ने के लिए 1 हजार संदेहियों की लिस्ट बनाई है।

इनमें से 117 लोगों से पूछताछ की गई है और 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। आपको बता दे, कि 19 जनवरी को महाकुंभ में आग लगने के बाद आतंकी संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) ने इसकी जिम्मेदारी ली। इसके बाद, यूपी ATS और NIA अलर्ट हो गई हैं और जांच में आतंकियों का कनेक्शन तलाशा जा रहा है।

 1000 संदिग्धों के ट्रेस किए गए अकाउंट

एजेंसियों ने 1000 संदिग्धों के मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट्स ट्रेस किए हैं, जिनमें से 117 लोगों से पूछताछ की गई। ये सभी घटना के वक्त महाकुंभ के आसपास मौजूद थे और इनमें से 90% गैर हिंदू समुदाय के थे। ATS ने वाराणसी से 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

संदिग्ध सोशल मीडिया गतिविधियां

ATS की IT टीम ने सोशल मीडिया पर प्रयागराज और महाकुंभ के वीडियो पोस्ट करने वाले 1000 संदिग्धों को सर्च किया। इनमें से कई ने महाकुंभ के घटनास्थल की जानकारी साझा की थी। आपको बता दे, कि आतंकी संगठन ने दावा किया कि इस अग्निकांड का कारण पीलीभीत एनकाउंटर का बदला था और इसका उद्देश्य यूपी CM को चेतावनी देना था। हालांकि, यूपी पुलिस ने इस दावे को नकारा किया है।

180 कॉटेज जल गए थे आगजनी में

19 जनवरी को महाकुंभ मेले के सेक्टर-19 में आग लगी थी, जिसमें गीता प्रेस के 180 कॉटेज जल गए थे। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई थी, लेकिन गैस सिलेंडर ब्लास्ट के कारण आग लगी थी। घटना के बाद डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने कहा कि अग्निकांड की जांच की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा होगा।

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