LB cadre teacher: नए भर्ती नियमों से भड़के एलबी संवर्ग के शिक्षक,पदोन्नति पर संकट…..
डीईओ ने कहा उच्च कार्यालय के आदेश के आधार पर की जायेगी आगे की कार्यवाही....

छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए नए भर्ती और पदोन्नति नियमों ने प्रदेश भर के (LB cadre teacher) शिक्षक एलबी संवर्ग में भारी नाराजगी पैदा कर दी है। बिलासपुर संभाग सहित कई जिलों के शिक्षक इन नियमों को अपने साथ अन्याय बता रहे हैं।दरअसल, वर्षों से कई शिक्षक वरिष्ठता के आधार पर व्याख्याता पद पर पदोन्नति का इंतजार कर रहे थे, लेकिन नए नियमों ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। सबसे बड़ा विवाद इस बात को लेकर है कि 1995 से शिक्षाकर्मी के रूप में दी गई सेवा अवधि को वरिष्ठता की गणना में शून्य मान लिया गया है।
पदोन्नति पर संकट (LB cadre teacher)
इससे कई अनुभवी शिक्षकों की वर्षों की मेहनत और सेवा को नजरअंदाज किए जाने का आरोप लग रहा है।शिक्षकों का कहना है कि नए राजपत्र में व्याख्याता के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती को अधिक प्राथमिकता दी गई है, जिससे पदोन्नति के अवसर और भी कम हो गए हैं। वहीं व्यायाम शिक्षक और ग्रंथपाल जैसे महत्वपूर्ण पदों का भी राजपत्र में स्पष्ट उल्लेख नहीं होने से भ्रम की स्थिति बन गई है।शिक्षक संगठनों का आरोप है कि यह नियम एलबी संवर्ग के हजारों शिक्षकों के साथ विश्वासघात जैसा है और इससे उनके भविष्य पर असर पड़ेगा।
वहीं इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे का कहना है कि वरिष्ठता को लेकर पहले से विवाद चल रहा है, जिस पर कुछ शिक्षक कोर्ट भी गए थे। कोर्ट ने वरिष्ठता के आधार पर निर्णय लेने की बात कही है, लेकिन अंतिम स्पष्ट निर्देश अभी उच्च कार्यालय से मिलना बाकी है।अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और शिक्षा विभाग इस विवाद पर आगे क्या फैसला लेते हैं।





