छत्तीसगढ़ में जल्द बनेगा भूमि अधिग्रहण प्राधिकरण, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को 2 महीने का समय दिया

रायपुर। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को जमीन अधिग्रहण के मामलों के निपटारे के लिए जरूरी भूमि अधिग्रहण पुनर्वास और पुनर्स्थापन प्राधिकरण बनाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि यह काम अगले दो महीने के भीतर पूरा होना चाहिए, वरना सरकार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, सारंगढ़-बिलाईगढ़ के रहने वाले बाबूलाल ने वकील अभिनव श्रीवास्तव के जरिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। उन्होंने बताया कि राज्य में कई सालों से यह प्राधिकरण बना ही नहीं, जिसकी वजह से मुआवजे और ब्याज से जुड़ी सैकड़ों अर्जियां अधर में लटकी हुई हैं। इससे किसान और जमीन मालिकों को काफी परेशानियां हो रही हैं।
सुनवाई के दौरान सरकार ने कहा कि उसने इस साल अप्रैल से प्राधिकरण बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने रिकॉर्ड देखकर पाया कि पिछले कई सालों से यह प्राधिकरण निष्क्रिय है। कोर्ट ने कहा कि अब इसे और टालना सही नहीं होगा।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि तय समय में काम पूरा करें।





