जम्मू-कश्मीर युद्ध का मैदान नहीं, दोस्ती का पुल बने: महबूबा मुफ्ती

दिल्ली। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर को भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध का मैदान नहीं, बल्कि शांति और दोस्ती का पुल बनना चाहिए।

पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यहां के लोग दो हाथियों की लड़ाई में कुचली जा रही घास की तरह पीसते जा रहे हैं। महबूबा ने कहा कि PDP हमेशा शांति की बात करती रही है। “हमें युद्ध के डर को खत्म करना होगा ताकि लोग अपनी जिंदगी की योजना बना सकें और यहां की अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा किया जा सके।”

‘पाकिस्तान की जनता से नहीं, उसकी सरकार से असहमति’

महबूबा मुफ्ती ने फारूक अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) नेताओं के पाकिस्तान विरोधी बयानों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला का सिंधु जल संधि रोकने और पाकिस्तान की पानी सप्लाई बंद करने वाला बयान खतरनाक सोच को दर्शाता है।

महबूबा ने कहा, “हमें पाकिस्तान की सरकार से राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन वहां की जनता से नहीं। देश के एकमात्र मुस्लिम बहुल राज्य का नेता इस तरह की बातें करे, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।”

‘हमें और लाशें नहीं, शांति चाहिए’

उन्होंने दोहराया कि PDP ही एकमात्र पार्टी है जो लगातार बातचीत और शांति की बात करती रही है। “जो नेता युद्ध और नफरत की भाषा बोलते हैं, उन्हें और लाशें चाहिए, जबकि हम लोगों की इज्जत और अमन के लिए खड़े हैं।”

महबूबा ने पहले भी फारूक के बयानों पर आपत्ति जताई थी, खासकर पहलगाम हमले के बाद। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान कश्मीरियों और मुस्लिमों के खिलाफ नफरत बढ़ा सकते हैं।

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