Inhumane treatment of cattle: न्याय की दहलीज के पास सरेआम शर्मसार हुई इंसानियत सवालों के घेरे में प्रशासन
बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे पर मृत गौवंश के साथ अमानवीय व्यवहार

छत्तीसगढ़ के न्यायधानी कहे जाने वाले बिलासपुर में मानवता को शर्मसार करने वाली एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, (Inhumane treatment of cattle) जिसने पशु प्रबंधन और प्रशासनिक संवेदनशीलता के तमाम दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। बोदरी और तिफरा के बीच NH-130 पर, जहाँ से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की दूरी महज कुछ कदम है, एक मृत गाय को ऑटो के पीछे रस्सी से बांधकर बेरहमी से घसीटा गया।
इस विचलित करने वाले दृश्य ने सड़क से गुजरने वाले हर राहगीर को झकझोर कर रख दिया, लेकिन व्यवस्था की विफलता देखिए कि एक मृत जीव को सम्मानजनक विदाई देने के बजाय उसे कचरे की तरह सड़क पर रगड़ा गया।
बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे पर मृत गौवंश के साथ अमानवीय व्यवहार, (Inhumane treatment of cattle)
आरोपी ऑटो चालक का तर्क और भी भयावह है; उसका दावा है कि पेट्रोल पंप प्रबंधन के आदेश पर उसने ऐसा किया क्योंकि शव को हटाने के लिए लंबे समय तक न तो कोई सरकारी अमला पहुँचा और न ही गौ-सेवा के नाम पर सक्रिय रहने वाले संगठन।
यह घटना केवल एक चालक की संवेदनशीलता की कमी नहीं है, बल्कि नगर निगम और प्रशासन की उस सुस्त कार्यप्रणाली का प्रमाण है, जहाँ सड़कों पर लावारिस पशुओं के शव घंटों पड़े रहते हैं और अंततः सफाई के नाम पर इस तरह के घिनौने कृत्य को अंजाम दिया जाता है। दिनदहाड़े हुई इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हमारे सिस्टम में जीवों के प्रति न तो कोई नीति बची है और न ही नैतिकता, जिससे आज पूरी मानवता शर्मिंदा है……





