गर्मी में ‘गौ सेवा धाम’ की जल सेवा बनी जीवनरेखा | इंसानों से लेकर परिंदों तक को राहत

बिलासपुर | छत्तीसगढ़ – भीषण गर्मी ने जहां आम लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है, वहीं पशु-पक्षी भी पानी की एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। नदी-नाले सूख चुके हैं और तापमान दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। इस विकट परिस्थिति में बिलासपुर की ‘गौ सेवा धाम’ संस्था ने इंसानियत और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है।
अस्पतालों के बाहर प्याऊ, राहगीरों को मिल रहा शुद्ध पेयजल
गौ सेवा धाम ने शहर के प्रमुख अस्पतालों के बाहर मटके (प्याऊ) रखवाकर आम नागरिकों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की है। तपती दोपहर में अस्पताल आने-जाने वालों को इससे बड़ी राहत मिली है।

पक्षियों के लिए ‘सिकोरे सेवा’, पेड़ों पर लगवाए जा रहे मिट्टी के बर्तन
पक्षियों को भीषण गर्मी में पानी मिल सके, इसके लिए संस्था ने सिकोरे (मिट्टी के बर्तन) वितरित किए। रविवार को पशु चिकित्सालय परिसर में बड़ी संख्या में सिकोरे बांटे गए, जिन्हें लोगों से घर के बाहर पेड़ों पर लगाने की अपील की गई ताकि प्यासे परिंदों को राहत मिल सके।
पशुओं के लिए बर्तन में पानी की व्यवस्था, खाली स्थानों पर भी ध्यान
गौ सेवा धाम द्वारा घर के सामने, गलियों और खाली मैदानों में भी बड़े बर्तनों में पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था की जा रही है। ताकि बेजुबान जानवर भी गर्मी की तपिश से बच सकें। यह सेवा समाज में करुणा और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देती है।





