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धमतरी में औद्योगिक विकास और निर्यात बढ़ाने पर कलेक्टर की महत्वपूर्ण बैठक

धमतरी। जिले के औद्योगिक विकास और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में उद्योगपतियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में जिले से सुगंधित चावल, लाख और लघु वनोपज जैसे उत्पादों का देश और विदेश में निर्यात बढ़ाने पर चर्चा की गई।

औद्योगिक विकास के लिए योजनाएं और इंडस्ट्रियल पार्क

कलेक्टर मिश्रा ने बताया कि जिले में औद्योगिक विकास के लिए छह जगहों – श्यामतराई, जी-जामगांव, भालूझूलन, करेलीबड़ी, तेन्दुभांठा और गट्टासिल्ली में इंडस्ट्रियल पार्क बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा बंजारी-बागौद में फ़ूड पार्क का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि जी-जामगांव फ़ूडपार्क का काम अगले दो-तीन महीनों में पूरा होते ही उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इससे जिले में निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

उद्योगपतियों को मिली सरकारी सहायता की जानकारी

जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सुरेन्द्रपुरी गोस्वामी ने बैठक में पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिले में निर्यात की वर्तमान स्थिति और संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन की औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत दी जाने वाली विभिन्न छूट और अनुदानों के बारे में भी बताया।

विदेश व्यापार विभाग ने जिले के खास चावल उत्पादों जैसे पास्ता, नूडल और मेक्रोनी की अमेरिका, यूरोप और हांगकांग में बढ़ती मांग की जानकारी दी। साथ ही निर्यात बंधु योजना के तहत मिलने वाली सहायता और अनुदानों के बारे में भी जानकारी दी गई।

निर्यात की समस्याएं और उनके समाधान

बैठक में मौजूद राइस मिल उद्योगपतियों ने बताया कि वे काकीनाडा और विशाखापट्टनम बंदरगाह से एक्सपोर्ट हाउस के जरिए निर्यात करते हैं, क्योंकि सीधे निर्यात करने में कई समस्याएं आती हैं। उन्होंने मण्डी शुल्क में विसंगतियों का भी जिक्र किया और कहा कि इसका समाधान होने पर निर्यात में बढ़ोतरी होगी।

कलेक्टर का आश्वासन

कलेक्टर मिश्रा ने सभी उद्योगपतियों की समस्याओं को ध्यान से सुना और आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को शासन के समक्ष रखकर जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा। इस बैठक में राइस मिलर अनिल चंद्राकर, विजय केला, सुनील अग्रवाल, रोहित लुंकड़, अनिल बडरिया, शुभम अग्रवाल, राजेश गोलछा और अन्य उद्योगपति भी शामिल हुए।

यह बैठक जिले के औद्योगिक विकास और निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

 

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