अवैध सीढ़ी विवाद ने पकड़ा राजनीतिक मोड़, ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

बिलासपुर |
बिलासपुर जिले के महमंद गांव में सार्वजनिक रास्ते पर बनी अवैध सीढ़ी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है।
ग्रामीणों का आरोप है कि झूठी शिकायत कर उन्हें फंसाने की साजिश रची गई है। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
क्या है मामला?
महमंद गांव के वार्ड नंबर 7 में एक मकान मालिक ने चार फीट चौड़ी सड़क पर एक फीट चौड़ी सीढ़ी बना दी थी।
पंचायत द्वारा बार-बार चेतावनी देने के बावजूद जब सीढ़ी नहीं हटाई गई, तो ग्रामवासियों ने सर्वसम्मति से इसे हटाने का निर्णय लिया।
वार्ड पंच और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में यह कार्रवाई शांति पूर्ण ढंग से पूरी की गई।
हालांकि इसके बाद सरपंच पक्ष की ओर से नागेंद्र राय समेत चार ग्रामीणों पर पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी गई।
ग्रामीणों की आपत्ति – “झूठे केस में फंसाने की कोशिश”
ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक हित में की गई कार्रवाई को अब राजनीतिक मोड़ दे दिया गया है।
प्रतिभा यादव, एक स्थानीय ग्रामीण ने कहा कि,
“हमने किसी के खिलाफ कुछ गलत नहीं किया। पंचायत की सहमति से काम हुआ, लेकिन अब हमें बदनाम किया जा रहा है।”
पंच प्रतिनिधि सुनील कुमार ने भी ग्रामीणों का समर्थन करते हुए बताया कि,
“कोई तो निजी स्वार्थ के लिए गांव के शांत वातावरण को बिगाड़ना चाहता है।”
ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
विवाद के बाद ग्रामीण थाने पहुंचे और पुलिस को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
उनका दावा है कि पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है, जिसे जांच में शामिल किया जाना चाहिए।
पुलिस का बयान – जांच साक्ष्यों के आधार पर होगी
टीआई अभय बैस ने बताया कि,
“पुलिस सभी पक्षों की बात सुन रही है। जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और साक्ष्य व गवाहों के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।”
क्या मिलेगा निर्दोषों को न्याय?
फिलहाल गांव में इस मुद्दे को लेकर चर्चा गर्म है और पूरे गांव की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं।
अब देखना होगा कि क्या सच सामने आएगा, और क्या झूठे आरोप लगाने वालों की पहचान हो पाएगी।





