बिजली बिल पर राहत की उम्मीद: मुख्यमंत्री साय बोले – “जनता को नहीं पड़ेगा अतिरिक्त बोझ”

रायपुर। छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए जल्द ही राहत भरी खबर आ सकती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संकेत दिया है कि राज्य सरकार बिजली बिल हाफ योजना में संशोधन पर गंभीरता से विचार कर रही है, ताकि जनता को फिर से राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री साय ने यह बात नवा रायपुर स्थित अपने निवास में आयोजित दीपावली मिलन समारोह के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कही। इस दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने बिजली बिल हाफ योजना में हुए हालिया बदलावों से उपजे असंतोष का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि संशोधन के बाद छोटे और मध्यम वर्गीय परिवारों पर बिजली बिल का बोझ बढ़ गया है, जिससे कई लोगों को हर महीने बिल चुकाने में परेशानी हो रही है।
मुख्यमंत्री साय ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि सरकार जनता की चिंताओं से पूरी तरह वाकिफ है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार का उद्देश्य कभी भी जनता पर बोझ डालना नहीं रहा है। बिजली बिलों से जुड़ा जो भी फैसला लिया जाएगा, वह जनहित में होगा।”
सूत्रों के मुताबिक, सरकार बिजली बिल हाफ योजना की सीमा फिर से बढ़ाकर 200 यूनिट तक करने पर विचार कर रही है। अगर ऐसा होता है तो प्रदेश के करीब 30 लाख उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिलेगी।
संशोधन के बाद से राज्यभर में उपभोक्ताओं और विपक्षी दलों की ओर से योजना की पुरानी सीमा बहाल करने की मांग उठ रही थी। अब मुख्यमंत्री के बयान के बाद लोगों में नई उम्मीदें जगी हैं। ऊर्जा विभाग भी खपत सीमा और उपभोक्ता वर्गों का पुनर्मूल्यांकन कर रहा है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री साय ने पीएम सूर्य घर योजना में बदलाव के संकेत भी दिए। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि सोलर पैनल लगाने वाले उपभोक्ताओं को सब्सिडी पहले चरण में ही मिले, ताकि उन्हें भारी निवेश का बोझ न उठाना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हम जनता की भावनाओं का सम्मान करते हैं। निर्णय लेते समय गरीब, किसान, कर्मचारी और व्यापारी, सभी वर्गों का ध्यान रखा जाएगा। हमारा लक्ष्य है कि विकास और जनहित दोनों के बीच संतुलन बना रहे।”
दीपावली से पहले मुख्यमंत्री के इस बयान ने आम उपभोक्ताओं के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि सरकार कब और किस रूप में नई राहत नीति की घोषणा करती है।





