बिलासपुर की जर्जर सड़कों पर हाईकोर्ट सख्त, निर्माण की समयसीमा बताने के निर्देश

बिलासपुर। शहर और आसपास की जर्जर सड़कों को लेकर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (ईई) को शपथपत्र के साथ जवाब देने के निर्देश दिए हैं और पूछा है कि नेहरू चौक से पेंड्रीडीह (रायपुर रोड) तक सड़क का निर्माण आखिर कब तक पूरा किया जाएगा।
सुनवाई के दौरान शासन की ओर से बताया गया कि एनआईटी रायपुर की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद सड़क निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही काम तेजी से शुरू किया जाएगा। कोर्ट ने इस मामले में स्पष्ट और समयबद्ध जानकारी देने को कहा है।
पिछली सुनवाई में कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट भी पेश की गई, जिसमें कई सड़कों की खराब हालत सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार एनएच-343 (बलरामपुर-रामानुजगंज रोड) की स्थिति बेहद खराब है और यहां दो-दो फीट गहरे गड्ढे हैं, जिनमें भारी वाहन फंस जाते हैं। इसके अलावा रायगढ़ में 9, बिलासपुर में 2, मुंगेली में 4 और बलौदाबाजार-भाटापारा में 4 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं।
शहर के अंदर नए पुल से नेहरू चौक, दयालबंद, गांधी चौक से सीएमडी मार्ग तक कई सड़कें जर्जर हालत में हैं। रायगढ़ के कुनकुरी क्षेत्र में कोल वॉशरी से निकलने वाली काली धूल सड़कों पर फैल रही है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि सड़कों की खराब स्थिति और लापरवाही से हो रहे हादसों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सिरगिट्टी औद्योगिक क्षेत्र में कंपनियों की भारी गाड़ियों के कारण सड़कें खराब हो गई हैं। सिरगिट्टी से दाधापारा तक करीब तीन किलोमीटर सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। जिला प्रशासन ने कोर्ट को बताया कि दो कोल कंपनियों ने सड़क सुधार और रखरखाव की जिम्मेदारी ली है और करीब 25 लाख रुपये खर्च करने पर सहमति दी है।
हाईकोर्ट ने पूरे मामले में विस्तृत शपथपत्र पेश करने के निर्देश दिए हैं और साफ संकेत दिया है कि सड़क निर्माण और मरम्मत में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।





