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छत्तीसगढ़ में आरक्षक भर्ती पर हाईकोर्ट की रोक, अनियमितताओं के आरोपों के चलते नियुक्ति प्रक्रिया स्थगित

छत्तीसगढ़ में 6000 पदों पर चल रही आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के आरोपों के बाद हाईकोर्ट ने नई नियुक्तियों पर अंतरिम रोक लगा दी है। इस संबंध में दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने अगली सुनवाई तक किसी भी अभ्यर्थी को जॉइनिंग लेटर जारी न करने के निर्देश दिए हैं।

पुलिस विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में आरक्षकों की भर्ती के लिए लिखित और शारीरिक परीक्षा आयोजित की गई थी। चयन सूची जारी होने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, जिसके बाद मामला न्यायालय पहुंचा।

याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान फिजिकल टेस्ट में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया। इस प्रक्रिया का डेटा रिकॉर्ड करने का कार्य एक निजी आउटसोर्स कंपनी को सौंपा गया था, जिसने निष्पक्षता का पालन नहीं किया और कुछ उम्मीदवारों को अनुचित लाभ पहुंचाया।

याचिका में बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस मुख्यालय को लिखे गए पत्र का हवाला भी दिया गया है, जिसमें फिजिकल टेस्ट के दौरान गंभीर गड़बड़ियों की जानकारी दी गई थी। साथ ही यह भी आशंका जताई गई है कि जिस कंपनी ने बिलासपुर में परीक्षण कराया, वही कंपनी अन्य जिलों में भी कार्यरत थी, जिससे राज्यभर में अनियमितताओं की संभावना है।

कोर्ट को यह भी बताया गया कि जांच के दौरान फिजिकल टेस्ट से जुड़े सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर दिए गए और लगभग 129 अभ्यर्थियों को गलत तरीके से अधिक अंक दिए गए। इससे योग्य उम्मीदवारों का चयन प्रभावित हुआ।

याचिकाकर्ताओं ने पुलिस भर्ती नियम 2007 का हवाला देते हुए कहा कि नियमों के अनुसार अनियमितता पाए जाने पर पूरी भर्ती प्रक्रिया निरस्त की जानी चाहिए। इसके बावजूद अंतिम सूची और नियुक्ति आदेश जारी किए गए, जो नियमों के खिलाफ हैं।

बताया गया है कि अब तक करीब 2500 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया नहीं रोकी गई, तो निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।

सरकार की ओर से इन आरोपों का विरोध करते हुए कहा गया कि शिकायत केवल एक केंद्र तक सीमित है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक नई नियुक्तियों पर रोक लगा दी है और सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। अगली सुनवाई 23 फरवरी को होगी।

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