हाईकोर्ट ने अरपा नदी को लेकर जताई नाराजगी, 15 दिनों के भीतर मांगा जवाब

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर की जीवन दायिनी अरपा नदी आज संकट में है। हाईकोर्ट ने इसके संरक्षण को लेकर सरकार को फटकार लगाई है। नदी में बढ़ते प्रदूषण, अवैध उत्खनन और जल संकट पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा ने राज्य सरकार को कड़ी चेतावनी दी। कोर्ट ने साफ कहा कि कानून बनाने से कुछ नहीं होगा, जब तक उसे सख्ती से लागू नहीं किया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश ने तो यहां तक कह दिया कि दोषियों पर “मीसा” के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान नगर निगम और खनिज विभाग के रवैये पर भी सवाल उठे। हाईकोर्ट ने 15 दिन के भीतर जवाब देने को कहा है, वहीं अगली सुनवाई 24 मार्च को होगी।

बता दें कि अरपा नदी की दुर्दशा को लेकर हाईकोर्ट बेहद गंभीर है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि नदी में खास उग आई है, पानी खत्म हो चुका है और अवैध उत्खनन से नदी खोखली हो चुकी है। कोर्ट ने सवाल उठाया कि आखिर राज्य सरकार कब तक मूकदर्शक बनी रहेगी? वहीं, नगर निगम के अधिवक्ता ने बताया कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की प्रक्रिया जारी है, लेकिन 40% सीवरेज जल का निस्तारण अब भी अधूरा है। कोर्ट ने नगर निगम आयुक्त को 15 दिन के भीतर हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।  खनिज विभाग के सचिव को भी सख्त चेतावनी दी गई है कि अगर अवैध उत्खनन की घटनाएं जारी रहीं, तो दोषी अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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