रायपुर में तेज आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित, कई इलाकों में ओलावृष्टि और पेड़ गिरे

छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। राजधानी रायपुर में शनिवार रात तेज हवाओं के साथ बारिश हुई और कई इलाकों में ओले भी गिरे। तेज हवाओं के कारण तेलीबांधा केनाल रोड पर पेड़ गिर गया, जिससे सड़क पर आवाजाही प्रभावित हुई। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ते को वन-वे किया। कई स्थानों पर होर्डिंग्स उड़ गए और पुराने भवनों को भी नुकसान पहुंचा।
तीन दिन तक आंधी-बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले तीन दिनों तक गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है। रायपुर, कोरबा, धमतरी और कोंडागांव समेत कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिला। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।
रायपुर सबसे गर्म, पेंड्रा रोड सबसे ठंडा
प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान रायपुर में 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा रोड सबसे ठंडा रहा जहां न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद अगले कुछ दिनों में तापमान धीरे-धीरे और बढ़ने के आसार हैं।
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम का असर
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर एरिया और ऊपरी हवा में सक्रिय चक्रवाती सिस्टम प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसके कारण वातावरण में नमी बढ़ी है और आंधी-बारिश की गतिविधियां जारी हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, विदर्भ और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में सक्रिय ट्रफ लाइन और चक्रवाती परिसंचरण का असर भी छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है। मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है।





