छत्तीसगढ़ विधानसभा में साइबर क्राइम पर गरमाई बहस, भाजपा विधायकों ने सरकार को घेरा

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन मंगलवार को साइबर क्राइम का मुद्दा जोरशोर से उठा। भाजपा के ही विधायकों ने सरकार से तीखे सवाल पूछे।
रायपुर दक्षिण के विधायक सुनील सोनी ने कहा कि राज्य में लगातार लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि अब तक किसी साइबर विशेषज्ञ की नियुक्ति क्यों नहीं की गई। उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग यह भी नहीं जानते कि साइबर थाना कहां है। एनसीआरबी और एआई के आंकड़ों के मुताबिक 16 हजार से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं।
इस पर डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने जवाब दिया कि रायपुर में केवल साइबर थाना ही नहीं, बल्कि एक कम्पोजिट साइबर भवन भी है। जल्द ही विशेषज्ञों की नियुक्ति होगी। उन्होंने बताया कि छह महीने की ट्रेनिंग लेकर आए पुलिसकर्मी भी किसी विशेषज्ञ से कम नहीं हैं।
विजय शर्मा ने आगे बताया कि अब तक साइबर क्राइम के 1301 मामले दर्ज हुए हैं और 7 आरोपियों को जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि हर जिले में साइबर सेल बनाई गई है।
भाजपा विधायक राजेश मूणत ने कहा कि अधिकारी ट्रेनिंग ले रहे हैं, फिर भी ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। अब तक 107 करोड़ रुपये की ठगी हुई, जिसमें से सिर्फ 3 करोड़ ही वापस हो सके। उन्होंने इस काम के लिए आईजी स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की मांग की। इस पर विजय शर्मा ने कहा कि यह नियुक्ति पहले ही हो चुकी है और पैसे वापस करने की प्रक्रिया कोर्ट से होकर जाती है।
विधायक अजय चंद्राकर ने भी सवाल किया कि अब तक साइबर क्राइम रोकने के लिए कितने कमांडो और विशेषज्ञ नियुक्त हुए हैं। इस पर गृहमंत्री ने कहा कि विशेषज्ञों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है।
सदन में दिनभर इस मुद्दे पर तीखी बहस होती रही और भाजपा विधायकों ने सरकार को इस विषय पर घेरने की कोशिश की।





