निजी कॉलेज प्रिंसिपल के घर चंगाई सभा का खुलासा, चर्च जैसी बनावट पर जांच शुरू

राजनांदगांव। जिले में मतांतरण से जुड़ी कथित अवैध गतिविधियों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। ग्राम धर्मापुर में मिशनरी नेटवर्क के खुलासे के बाद अब ग्राम पनेका का मामला सामने आया है, जहां एक निजी कॉलेज के प्राचार्य के घर में हर रविवार प्रार्थना, चंगाई सभा और धार्मिक गतिविधियां आयोजित किए जाने के आरोप लग रहे हैं। हिंदू संगठनों के विरोध के बाद पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पनेका में जिस मकान में सभाएं हो रही हैं, उसे आवासीय अनुमति के तहत बनाया गया था, लेकिन उसकी बनावट चर्च जैसी बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर रविवार जिले के विभिन्न हिस्सों से लोग वाहनों में भरकर यहां पहुंचते हैं और कई घंटों तक घर के भीतर रहते हैं। दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच लोग एक-एक कर बाहर निकलते हैं। इस गतिविधि को लेकर गांव में लंबे समय से असंतोष बना हुआ था, जो अब खुलकर सामने आ गया है।
विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के बाद हिंदू जागरण मंच ने भी इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है। संगठनों का आरोप है कि यह मिशनरियों के नेटवर्क का हिस्सा है और यहां प्रलोभन व अंधविश्वास के जरिए मतांतरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि धर्मापुर और नेहरू नगर की तरह यहां भी बड़ी धनराशि से भवन तैयार किया गया है, जिसकी फंडिंग पर सवाल उठ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि पनेका में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से यह बिल्डिंग बनाई गई है।
शिकायतों के बाद पुलिस ने निर्माण से जुड़े दस्तावेज, अनुमति पत्र और आयोजनों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। साथ ही हर रविवार जुटने वाले लोगों की सूची भी मांगी गई है। प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर कार्रवाई की जाएगी।





