Gedi Dance Performance: नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ी शान, गेड़ी नाच की ऐतिहासिक प्रस्तुति
प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति ने खड़े होकर बजाई तालियां

छत्तीसगढ़ और खासकर बिलासपुर जिले के लिए यह पल गर्व और सम्मान से भरा हुआ है। (Gedi Dance Performance) छत्तीसगढ़ के युवाओं ने देश की राजधानी नई दिल्ली में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर अपनी पारंपरिक छत्तीसगढ़ी संस्कृति गेड़ी नाच की शानदार प्रस्तुति देकर पूरे देश का दिल जीत लिया।
कर्तव्य पथ पर गूंजा छत्तीसगढ़, गेड़ी नाच ने जीता देश का दिल, (Gedi Dance Performance)
भारत सरकार के कृषि मंत्रालय से छत्तीसगढ़ के युवाओं को विशेष आमंत्रण मिला था। इसके तहत बिलासपुर जिले से 35 सदस्यीय दल नई दिल्ली पहुंचा, जहां उन्होंने छत्तीसगढ़ के अत्यंत प्राचीन और पारंपरिक लोकनृत्य गेड़ी नाच की भव्य प्रस्तुति दी। यह नृत्य छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है।दल के सदस्यों ने बताया कि 7 जनवरी से 25 जनवरी तक उन्होंने कर्तव्य पथ पर लगातार रहकर कड़ी मेहनत से अभ्यास किया। दिन-रात की रिहर्सल के बाद 26 जनवरी को जब मंच पर प्रस्तुति दी गई, तो पूरे कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की संस्कृति की गूंज सुनाई दी।

प्रस्तुति के दौरान एक बेहद भावुक और ऐतिहासिक पल तब आया, जब देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति स्वयं अपनी-अपनी जगह से खड़े होकर तालियां बजाने लगे। यह दृश्य कलाकारों के लिए जीवन भर यादगार बन गया। ग्रामीण अंचलों से आए इन युवाओं ने अपनी कला से यह साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उनकी प्रस्तुति को देश-विदेश से आए अतिथियों ने भी खूब सराहा।यह उपलब्धि केवल इन कलाकारों की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और बिलासपुर जिले के लिए गौरव का विषय है, जिसने देश की राजधानी में अपनी संस्कृति की सशक्त पहचान बनाई।





