गरियाबंद: विधवा महिलाओं से पेंशन के नाम पर रिश्वत वसूली, दो लिपिक निलंबित और गिरफ्तार

गरियाबंद। जिले के फिंगेश्वर बीईओ कार्यालय से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां दो विधवा महिलाओं से पेंशन और उपादान राशि दिलाने के नाम पर करीब 4.80 लाख रुपये की रिश्वत वसूली की गई। इस मामले में दो लिपिक – मजहर खान (फिंगेश्वर बीईओ दफ्तर) और खोरबहारा ध्रुव (बोरिद हाई स्कूल) को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया है।
यह मामला दो दिवंगत शिक्षकों – गेसराम दीवान और चेनसिंह दीवान – की पत्नियों से जुड़ा है। जब दोनों शिक्षकों का निधन हुआ, तब उनकी विधवाओं को सरकारी योजनाओं के तहत पेंशन और उपादान की राशि मिलनी थी। लेकिन पेंशन शाखा में काम करने वाले इन लिपिकों ने उनसे रिश्वत मांगी।

पीड़िता विशाखा बाई ने बताया कि लिपिक खोरबहारा ध्रुव ने 2 लाख रुपये के चेक की मांग की, लेकिन चेक में रकम को शब्दों में नहीं लिखा गया था। इसका फायदा उठाकर लिपिक ने 2.80 लाख रुपये निकाल लिए। इसके बाद जब पीड़िता के बेटे की तबीयत खराब हुई और इलाज के लिए पैसे नहीं थे, तो समय पर मदद न मिलने से उसकी मौत हो गई। अब न तो पति रहा, न बेटा, और न ही पैसे बचे। दुख की इस घड़ी में विभाग भी चुप्पी साधे बैठा रहा।
दूसरी पीड़िता, देशों बाई ने भी बताया कि उसे भी उपादान और पेंशन प्रकरण बनाने के नाम पर 2 लाख रुपये देने पड़े। जब इन महिलाओं ने पहले शिकायत की थी, तो किसी ने ध्यान नहीं दिया। लेकिन जब भाजपा नेता प्रीतम सिन्हा ने यह मामला एसपी निखिल राखेचा के सामने उठाया, तब कार्रवाई शुरू हुई।
एसपी के निर्देश पर फिंगेश्वर और छुरा पुलिस ने दोनों थानों में धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामले दर्ज किए और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस घटना के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने दोनों लिपिकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
अब पीड़िताओं को न्याय की उम्मीद है और जिले में सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।





