9 मई और 26 नवंबर को पाकिस्तान में हुई घटनाओं की न्यायिक जांच की मांग की पूर्व पीएम ने

इस्लामाबाद।  पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने मीडिया को मैसेज भेजकर अपनी दो मांगों को दोहराया है। उन्होंने कहा, कि 9 मई और 26 नवंबर को पाकिस्तान में हुई घटनाओं की न्यायिक जांच देश के सबसे वरिष्ठ न्यायधीश से करवाई जाए।

वहीं हिंसक घटनाओं के बाद गिरफ्तार किए गए  पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के निर्दोष कार्यकर्ताओं की रिहाई की जाए। अदियाला जेल के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए, इमरान खान की बहन अलीमा खान ने कहा कि पीटीआई नेतृत्व ने डी-चौक के आसपास के क्षेत्र को “शुहुदा चौक” नाम दिया है। जो राजनीतिक अशांति में शामिल लोगों के लिए एक श्रद्धांजलि है।

अलीमा खान ने कहा कि 9 मई और 26 नवंबर की घटनाओं के संबंध में वीडियो फुटेज सहित कई सबूत सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इन तथ्यों को छिपाया नहीं जा सकता है, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संस्थान और अस्पताल सबूत मुहैया करा रहे हैं। इमरान खान की रिहाई की मांग कर रही पीटीआई ने 24 नवंबर को विरोध प्रदर्शन शुरू किया।  प्रदर्शनकारी 26 नवंबर को डी-चौक पहुंचे, जहां सुरक्षाकर्मियों ने लोगों को तितर-बितर करने और विरोध प्रदर्शन को समाप्त करने के लिए देर रात तक कार्रवाई की। उन्होंने कहा, “आज नहीं तो कल, सच्चाई सामने आ ही जाएगी।” खान ने विदेश में रह रहे पाकिस्तानियों के साथ सरकार के व्यवहार की आलोचना की।

 

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