FIR:2020 दिल्ली दंगों में कपिल मिश्रा पर एफआईआर की मांग, पुलिस ने किया विरोध

FIR:दिल्ली के 2020 में हुए उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों को लेकर एक कोर्ट में मामला चल रहा है, जिसमें बीजेपी के मंत्री कपिल मिश्रा पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता मोहम्मद इलियास ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर कपिल मिश्रा, दयालपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी, बीजेपी के विधायक मोहन सिंह बिष्ट, बीजेपी के पूर्व विधायक जगदीश प्रधान और सतपाल सहित 5 अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की है।
पुलिस ने कपिल मिश्रा को फंसाए जाने का आरोप लगाया
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कपिल मिश्रा का बचाव करते हुए कोर्ट में कहा कि उनकी इस हिंसा में कोई भूमिका नहीं थी और उन्हें केवल फंसाया जा रहा है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि कपिल मिश्रा पर जांच की गई थी और उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले। पुलिस ने यह भी बताया कि कपिल मिश्रा को दोषी ठहराने के लिए एक साजिश रची गई थी।
सुनवाई के दौरान, पुलिस ने कोर्ट को यह जानकारी दी कि 2020 के दिल्ली दंगों की योजना 15 और 17 फरवरी, 2020 से पहले बनाई गई थी और डीपीएसजी (दिल्ली प्रोटेस्ट सपोर्ट) ग्रुप की चैट से इस बात का खुलासा हुआ था। पुलिस का दावा था कि कपिल मिश्रा को इस हिंसा से जोड़ने की कोशिश की जा रही थी, जबकि उनकी भूमिका पर कोई ठोस प्रमाण नहीं हैं।
कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
राउज एवन्यू कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। 27 फरवरी को सुनवाई के बाद कोर्ट ने इस मामले पर फैसला सुरक्षित रखा था। माना जा रहा है कि कोर्ट 24 मार्च को यह फैसला सुनाएगा कि दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया जाए या नहीं।
अभी के लिए, यह मामला दिल्ली पुलिस के विरोध के बावजूद कोर्ट में लंबित है।





