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आखिरकार NHM कर्मचारी बहाल, 10 में से 7 मांगे स्वीकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव सरकार ने आंदोलनरत NHM कर्मियों के खिलाफ कड़ा फैसला लिया था। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सहित 25 कर्मचा​रियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। लेकिन अब सरकार को अपना फैसला बदलना पड़ गया है, और तमाम कार्रवाईयों को शून्य करते हुए सभी कर्मचारियों की बहाली का आदेश जारी कर दिया गया है। जिसके बाद छत्तीसगढ़ NHM कर्मचारी संघ में खुशियां लौट आई है।

आप सभी को अच्छे से याद होगा कि छत्तीसगढ़ राज्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर, आंदोलन की नींव रखी थी। लगातार 33 दिनों तक NHM कर्मचारी संघ ने विष्णुदेव सरकार को जगाने के लिए, विभिन्न तरह से प्रदर्शन किया। इससे नाराज होकर राज्य सरकार ने एस्मा लागू कर दिया था। और सभी कर्मियों को काम पर लौटने का अल्टीमेटम दे दिया था, तो प्रदेशाध्यक्ष सहित 25 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त तक कर दिया था। नतीजतन, प्रदेशभर के NHM कर्मियों ने सा​मूहिक इस्तीफा देकर सरकार की नींद उड़ा दी थी।

राज्य में स्वास्थ्य की चरमराती व्यवस्था के चलते आखिरकार सरकार को बैकफूट पर जाना पड़ा और उनकी मांगों को स्वीकार करने का आश्वास दिया गया। जिसके बाद NHM कर्मियों ने सेवा वापसी तो कर ली, पर जिन 25 पदाधिकारियों को बर्खास्त किया गया था, उन पर फैसला लिया जाना बाकी था। आखिरकार सरकार ने आज उन सभी पदाधिकारियों की बहाली का आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश के आने के बाद, प्रदेशभर के सभी NHM कर्मियों में खुशी का माहौल है।

बता दें कि 33 दिन की हड़ताल में सरकार ने 10 में से 7 मांगो को मानने और अन्य 3 पर भविष्य में अच्छा फैसला करने का आश्वासन दिया था, जिनमें से 3 मांगों को लेकर आदेश जारी हो चुका है। इसमें एक माह का सवैतनिक दुर्घटना/गंभीर बीमारी हेतु अवकाश का प्रावधान, 01 जुलाई 2023 से लंबित 5% वेतन वृद्धि और व्यवस्था में पारदर्शिता का आदेश जारी हो चुका है। वहीं 2 अन्य मांग जिसमें स्थानांतरण नीति बनाने और 10 लाख का कैशलेस इलाज के लिए समिति गठित कर दी गई जिसका भी आदेश जल्दी आने की उम्मीद है।

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सरकार के इस आदेश को लेकर कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने कहा कि 33 दिन के अनिश्चितकालिन आंदोलन के दौरान राज्य स्तर से की गई 25 पदाधिकारियों के बर्खास्तगी की कार्यवाही को सरकार ने शून्य करते हुए सबको बहाल कर दिया है। इस बात के लिए दुबे ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और विभागीय अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। साथ ही विश्वास जताया है कि सरकार समस्त वादों को समय सीमा में पूरा करेगी।

बिलासपुर जिलाध्यक्ष राजकुमार यादव ने कहा कि सरकार का फैसला स्वागत योग्य है। हम सभी आभारी है, हम सबका धन्यवाद करते है, ये आंदोलन हमारी वाजिब मांगो के लिए था सरकार ने जितने भी मांगे हमारी मानी उन्हें समय सीमा में पूरा करे जिससे सरकार के प्रति हमारा विश्वास और बढ़े और हम कंधे से कंधा मिलाते हुए आगे बढ़े और छत्तीसगढ़ को देश मे स्वास्थ्य सेवाओं में सर्वोच्च स्थान पर लाये, हम काम करने वाले लोग है, महाराष्ट्र में जिस प्रकार स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियो को समायोजित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है मध्यप्रदेश में स्थायीकरण ग्रेड पे अनुकम्पा नीति लागू है यहां भी हम सबको इसका लाभ मिले ऐसा हम सुशाशन सरकार से विनम्र निवेदन करते है और हमें आशा ही नही पूर्ण विश्वास है कि डबल ईंजन की यही सरकार हमे हमारा अधिकार दिलाएगी जैसा अन्य बी.जे.पी शासित राज्यो में मिला है।

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