आनंद विहार रेसिडेंस सोसायटी को मिली बड़ी राहत, पंजीयन निरस्तीकरण पर अंतरिम रोक

छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग ने आनंद विहार रेसिडेंस विकास सोसायटी, धरमपुरा को बड़ी राहत देते हुए उसके पंजीयन निरस्तीकरण से जुड़े आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश 17 जून 2026 को मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर से जारी किया गया।
जानकारी के अनुसार, सोसायटी ने छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1973 की धारा 40 के तहत अपील प्रस्तुत करते हुए पंजीयक फर्म एवं संस्थाएं द्वारा 25 नवंबर 2025 को जारी पंजीयन निरस्तीकरण आदेश को चुनौती दी थी। इसी अपील के साथ सोसायटी ने अंतरिम राहत की मांग भी की थी।
संचालन में बाधा का हवाला
अपील में सोसायटी ने कहा कि पंजीयन निरस्त होने के कारण उसके बैंक खातों का संचालन बाधित हो गया था। इससे कर्मचारियों के वेतन भुगतान, रखरखाव कार्यों और अन्य नियमित प्रशासनिक खर्चों पर गंभीर असर पड़ रहा था। सोसायटी ने इसे अपने दैनिक संचालन के साथ-साथ सदस्यों के हितों के लिए भी नुकसानदायक बताया।
आदेश पर अंतरिम रोक
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के उप सचिव एवं अपीलीय प्राधिकारी उमेश कुमार पटेल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि उपलब्ध दस्तावेजों के प्रारंभिक परीक्षण और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद यह निर्णय लिया गया है कि मामले के अंतिम निराकरण या अगले आदेश तक निरस्तीकरण आदेश के क्रियान्वयन पर रोक रहेगी।
इसके साथ ही सहायक पंजीयक द्वारा सोसायटी के विरुद्ध की जा रही सभी आगामी दंडात्मक एवं प्रशासनिक कार्रवाईयों को भी फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
आगे की प्रक्रिया
अब इस मामले में नियमित सुनवाई की जाएगी, जिसमें दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। फिलहाल अंतरिम राहत मिलने से सोसायटी को प्रशासनिक और वित्तीय गतिविधियों को सुचारु रूप से जारी रखने में मदद मिली है।





